13/10/23 | 4:19 pm

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एस्ट्रा MK-1 मिसाइल से लैस होंगे मिग-29, तेजस और मिग-29ए विमान,  और ताकतवर होगी वायुसेना 

भारतीय वायुसेना की ताकत में और अधिक इजाफा होने जा रहा है। इस साल के अंत तक स्वदेशी एयर टू एयर एस्ट्रा एमके-1 मिसाइल वायु सेना के हथियार खजाने में शामिल हो जाएगी। इस प्रकार भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ देश के रक्षा क्षेत्र को भी मजबूती प्रदान करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।  

तेजस विमान से भी किया जा चुका सफल परीक्षण  

इन मिसाइलों के थोक उत्पादन के लिए भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) को मंजूरी भी मिल गई है। बताना चाहेंगे हाल ही में तेजस विमान से भी इसका सफल परीक्षण किया गया था। भारतीय वायु सेना और नौसेना पहले से एस्ट्रा मिसाइल का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन अब एस्ट्रा एमके-1 मिसाइलों को भारतीय वायु सेना के मिग-29, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ’तेजस’ और भारतीय नौसेना के मिग-29ए विमानों के साथ लैस किए जाने की योजना है।

बीडीएल को थोक उत्पादन की मिली मंजूरी 

वायु सेना ने पहले ही इन मिसाइलों के लिए भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) के साथ 2 अनुबंध कर रखे हैं। अब स्वदेशी एस्ट्रा एमके-1 बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल की क्षमता 100 किलोमीटर से बढ़ा कर 160 किलोमीटर कर दी गई है। साथ ही दोहरे पल्स रॉकेट मोटर की सहायता से 160 किलोमीटर की विस्तारित सीमा के साथ एस्ट्रा MK-2 को विकसित किया जाना है। 

भारतीय वायु सेना और नौसेना होंगी इस मिसाइल से लैस 

ज्ञात हो, भारतीय वायु सेना और नौसेना पहले से एस्ट्रा मिसाइल का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन अब एस्ट्रा एमके-1 मिसाइलों को भारतीय वायु सेना के मिग-29, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ’तेजस’ और भारतीय नौसेना के मिग-29ए विमानों के साथ लैस किया जा रहा है। 

वायु सेना कर चुकी परीक्षण 

वहीं वायु सेना एस्ट्रा एमके-2 का स्टेटिक फायर करके परीक्षण कर चुकी है। आने वाले वर्षों में एस्ट्रा एमके-1 और एमके-2 एयर टू एयर क्षेत्र में भारतीय वायु सेना का मुख्य हथियार होंगे। भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान पहले ही एस्ट्रा मिसाइलों के साथ एकीकृत है और इसका उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड कर रही है। 

दुश्मन के प्रयासों को नाकाम कर अपने ऑपरेशन को अंजाम देती है ये मिसाइल

दोनों सेनाओं के लिए 248 स्वदेशी एस्ट्रा एमके-1 मिसाइल खरीदने का ऑर्डर किया गया था। इसमें 200 मिसाइलें वायु सेना के लिए और 50 नौसेना के लिए थीं। बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर 50 मिसाइलों की पहली खेप भारतीय वायु सेना को अक्टूबर, 2020 में मिली थी। इस मिसाइल की खास बात यह है कि ये मिसाइल इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-काउंटरमेशर्स से लैस है, इसलिए दुश्मन के प्रयासों को नाकाम करके अपने ऑपरेशन को अंजाम देती है। एस्ट्रा एमके-1 मिसाइल 3.6 मीटर (12 फीट) लंबी है और 4.5 मैक की गति तक अधिकतम 20 किमी. (66 हजार फीट) की ऊंचाई से संचालित हो सकती है। इसकी अधिकतम सीमा हेड-ऑन चेस मोड में 110 किमी. (68 मील) और टेल चेस मोड में 20 किमी. (12 मील) है।

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