13 दिसंबर को काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण को दो साल पूरे होने जा रहे हैं। इन दो सालों में करीब 13 करोड़ भक्तों ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर भव्य स्वरूप लेने के बाद भारतीय व विदेशी भक्तों की संख्या नए रिकॉर्ड कायम कर रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण 13 दिसंबर 2021 को किया था। इसके बाद काशी विश्वनाथ धाम विदेशी मेहमानों की भी श्रद्धा का केंद्र बना। लोकार्पण के बाद लगभग 15930 से अधिक विदेशी मेहमानों ने काशी विश्वनाथ धाम दर्शन के लिए बुकिंग कराई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार काशी विश्वनाथ धाम में भक्तों के लिए पहुंच और सुविधाएं बढ़ाने के लिए योगी सरकार की अटूट प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप आगंतुकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, पिछले दो वर्षों में 16,000 अंतरराष्ट्रीय आगंतुकों सहित 13 करोड़ से अधिक भक्त पवित्र स्थल पर आए हैं। दिसंबर अंत तक यह संख्या 13 करोड़ पार करने का अनुमान है।
विदेशी भक्तों की इस साल बुकिंग लगभग दोगुने से अधिक
श्रीकाशी विश्वनाथ धाम व विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद् के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील वर्मा ने मीडिया को बताया कि धाम के लोकार्पण से छह दिसंबर 2023 तक 15,930 से अधिक विदेशी भक्तों ने विश्वनाथ मंदिर के सुगम दर्शन के लिए बुकिंग कराई थी। उन्होंने बताया कि पिछले साल (2022) की तुलना में इस साल इनकी बुकिंग लगभग दोगुने से अधिक है। 13 दिसंबर 2021 को लोकार्पण से 6 दिसंबर 2023 तक काशी दरबार में रिकॉर्ड लगभग 12 करोड़ 92 लाख 24 हजार से अधिक लोगों ने अपना माथा बाबा के दरबार में टिकाया।
पीएम मोदी ने कशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया था
वर्ष 2021 में जब पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया था तो उस वक्त उन्होंने अपने संबोधन में पुराणों का हवाला देते हुए कहा कहा कि काशी में प्रवेश करते ही व्यक्ति सभी बंधनों से मुक्त हो जाता है। “भगवान विश्वेश्वर के आशीर्वाद से यहां आते ही एक अलौकिक ऊर्जा हमारी अंतरात्मा को जागृत कर देती है।” उन्होंने यह भी कहा कि विश्वनाथ धाम का यह पूरा नया परिसर सिर्फ एक भव्य इमारत नहीं है। यह हमारे भारत की सनातन संस्कृति का प्रतीक है। यह हमारी आध्यात्मिक आत्मा का प्रतीक है। यह भारत की प्राचीनता, परंपरा, भारत की ऊर्जा और गतिशीलता का प्रतीक है।
लोकार्पण के होंगे 2 साल
13 दिसंबर 2023 को दो वर्ष पूरे हो जाएंगे, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर भव्य स्वरूप लेने के बाद भारतीय व विदेशी भक्तों की संख्या नए रिकॉर्ड कायम कर रही है। बाबा का धाम हर दिन नया कीर्तिमान बना रहा है। प्रतिदिन बाबा के दरवार में लाखों भक्त दर्शन करने आ रहे हैं। ज्ञात हो कि पीएम मोदी ने कहा था, 'जब कोई यहां आएगा तो उसे न सिर्फ आस्था दिखेगी बल्कि यहां के अतीत का गौरव भी महसूस होगा। प्राचीनता और नवीनता एक साथ कैसे जीवंत हो उठती हैं। प्राचीन काल की प्रेरणाएँ किस प्रकार भविष्य को दिशा दे रही हैं, यह हम विश्वनाथ धाम परिसर में बहुत स्पष्ट रूप से देख रहे हैं।”
हज़ारों साल पुराना है काशी विश्वनाथ मंदिर
बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है, जिसे भगवान शिव को समर्पित स्वर्ण मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मुगल शासकों द्वारा कई बार ध्वस्त किये गए काशी विश्वनाथ मंदिर हिंदू धर्म का प्रतीक और पावन मंदिरो में से एक माना जाता है। इस मंदिर का निर्माण किसने कराया इसके बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है।
हालांकि काशी विश्वनाथ मंदिर के वर्तमान ढांचे का निर्माण इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने साल 1780 में कराया था। भगवान शिव का यह मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में गंगा नदी के किनारे स्थित है। इस मंदिर को विश्वेश्वर नाम से भी जाना है। काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। इस मंदिर का उल्लेख महाभारत और उपनिषदों में भी है।


