27/12/23 | 8:28 pm

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केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने MLJK-MA को विधिविरुद्ध संगठन घोषित किया

भारत सरकार ने बुधवार को मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट) / MLJK-MA को विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (यूएपीए), 1967 की धारा 3 (1) के तहत गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया है।

सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ये संगठन और इसके सदस्य जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों मे शामिल हैं और जम्मू और कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और लोगों को भड़काकर वहां इस्लामिक शासन स्थापित करने को समर्थन देने में लिप्त हैं।

गृह मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार का संदेश एकदम स्पष्ट है कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ कार्य करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसे कानून के तहत कठोरतम सज़ा दी जाएगी।

गृह मंत्रालय के अनुसार मुस्लिम लीग जम्मू कश्मीर (मसरत आलम गुट)/ MLJK-MA संगठन और इसके सदस्य जम्मू और कश्मीर में राष्ट्रविरोधी और अलगाववादी गतिविधियों मे शामिल हैं और जम्मू और कश्मीर में आतंकी गतिविधियों और लोगों को भड़काकर वहां इस्लामिक शासन स्थापित करने को समर्थन देने में लिप्त हैं। इस संगठन के सदस्य लोगों को भड़काकर जम्मू और कश्मीर में इस्लामिक शासन स्थापित करना चाहते हैं, जो भारत की संप्रभुता, सुरक्षा और अखंडता के लिए हानिकारक है। इस संगठन के खिलाफ विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम (यूएपीए), 1967, भारतीय दंड संहिता, 1860, आर्म्स एक्ट, 1959 और रणबीर दंड विधान, 1932 की विभिन्न धाराओं के तहत कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

मंत्रालय ने बताया कि आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत, गृह मंत्रालय द्वारा 2023 में अब तक 4 संगठनों को आतंकी संगठन, 6 व्यक्तियों को आतंकवादी और 2 संगठनों को विधिविरुद्ध संगठन घोषित किया जा चुका है।