06/09/23 | 2:54 pm

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चांद की सतह के संपर्क में आए लैंडर विक्रम के धुएं से निकली अजीबोगरीब रोशनी, नासा ने फोटो की जारी 

भारत का मिशन 'चंद्रयान-3' लगातार दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है। जी हां, इसी सिलसिले में अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (नासा) ने एक विशेष फोटो जारी कर चांद की मिट्टी के संपर्क में आए लैंडर विक्रम के धुएं से निकली रोशनी दिखाई है। केवल इतना ही नहीं, नासा ने चंद्रयान-3 के लैंडिंग साइट की फोटो लेकर यहां से साउथ पोल की दूरी भी बताई है।  

https://twitter.com/NASA_Marshall/status/1699109273228194235?s=20

कैसे ली गई तस्वीर ? 

वहीं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन लगातार चंद्रमा पर चंद्रयान-3 के पहुंचने के बाद से फोटो जारी कर रहा है। अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भी एक विशेष फोटो जारी की है। नासा ने उस स्थान की फोटो अपनी वेबसाइट और सोशल मीडिया पर साझा की है, जहां चंद्रयान-3 उतरा था। बताना चाहेंगे कि चंद्रमा पर लैंडिंग के ठीक चार दिन बाद यानी 27 अगस्त को चांद की कक्षा में घूम रहे नासा के लूनर रिकोनिसेंस ऑर्बिटर यानी LRO ने यह तस्वीर खींची थी।

चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव से कितनी दूर ?

तस्वीर जारी करने के साथ ही नासा ने चंद्रयान मिशन की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा  है कि चंद्रयान-3 की लैंडिंग साइट चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव से लगभग 600 किलोमीटर दूर है। लैंडिंग के चार दिन बाद एलआरओ ने लैंडर का एक तिरछा दृश्य यानी 42 डिग्री स्लीव कोण हासिल किया। साथ ही कहा कि लैंडर के आसपास दिख रही रोशनी लैंडर के धुएं के चांद की मिट्टी के संपर्क में आने से बनी है।

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