08/03/24 | 5:14 pm

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जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति के 55वें सत्र बोले IWF के अध्यक्ष ‘भारत पड़ोसियों की खाद्य सुरक्षा का भी रखता है ध्यान’

इंडिया वाटर फाउंडेशन के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने बीते गुरुवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति के 55वें सत्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत उन कुछ देशों में से एक है, जो न केवल अपने नागरिकों बल्कि आवश्यकता पड़ने पर पड़ोसियों की खाद्य सुरक्षा का भी ध्यान रखता है। उन्होंने नीली क्रांति को लेकर भारत सरकार की पहल और किये गए प्रयासों पर प्रकाश डाला।
अरविंद कुमार ने कहा 'भारत उन कुछ देशों में से एक है जो न केवल अपने लोगों के लिए एक मजबूत सार्वजनिक खाद्य वितरण प्रणाली के साथ खाद्य सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपने पड़ोसियों और वैश्विक दक्षिण के अन्य देशों के लिए भी खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चत करता है। 

सरकार ने मत्स्य पालन को दिया बढ़ावा

इसके अलावा अरविंद कुमार ने कहा कि देश में छोटे पैमाने पर मछली पकड़ने को बढ़ावा दिया जा रहा है। नीली क्रांति एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य आर्थिक समृद्धि प्राप्त करना है। यह योजना मछुआरों और जैव-सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए जल संसाधनों के पूर्ण संभावित उपयोग के माध्यम से खाद्य और पोषण सुरक्षा में योगदान करते हैं।

नीली क्रांति, अपनी बहुआयामी गतिविधियों के साथ जलीय कृषि और मत्स्य संसाधनों से मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके अलावा, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभाग ने नीली क्रांति के तहत चल रही सभी योजनाओं को विलय करके योजना का पुनर्गठन किया है।