प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में त्रिपुरा में खोवाई-हरिना सड़क के 135 किमी लंबे हिस्से के सुधार और चौड़ीकरण को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों के बारे में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना में 2,486.78 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है, जिसमें 1,511.70 करोड़ रुपये का ऋण घटक शामिल है। ऋण सहायता ओडीए योजना के तहत जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) से होगी।
उन्होंने कहा कि इससे त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर सड़क संपर्क होगा। यह परियोजना त्रिपुरा के विभिन्न हिस्सों के बीच बेहतर सड़क कनेक्टिविटी को सुगम करने और मौजूदा एनएच-8 के अलावा त्रिपुरा से असम और मेघालय तक वैकल्पिक पहुंच प्रदान करेगी।
इस परियोजना को इस क्षेत्र की सामाजिक आर्थिक आवश्यकताओं पर विचार करने के बाद, मजबूत और गाड़ी चलाने योग्य सड़क प्रदान करने की ज़रूरत के आधार पर चुना गया है। इस परियोजना के एनएच-208 वाले हिस्से के विकास से न केवल एनएच-208ए के जरिए असम और त्रिपुरा के बीच अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि पारगमन समय भी कम होगा और यात्रियों के लिए सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रदान होगी। यह परियोजना बांग्लादेश सीमा के बहुत करीब से गुजरती है और यह कैलाशहर, कमालपुर और खोवाई सीमा चेक पोस्ट के माध्यम से बांग्लादेश से कनेक्टिविटी में सुधार करेगी। इस प्रोजेक्ट सड़क के विकास के जरिए क्षेत्र में सड़क नेटवर्क में सुधार होगा और साथ ही जमीनी सीमा व्यापार भी संभावित रूप से बढ़ेगा।
सड़क का ये चुना गया हिस्सा राज्य के कृषि क्षेत्रों, पर्यटन स्थलों, धार्मिक स्थानों और उन आदिवासी जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है, जो विकास और आय के मामले में पिछड़े हैं। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कनेक्टिविटी में सुधार होगा जिससे राज्य को ज्यादा राजस्व मिलेगा और साथ-साथ स्थानीय जनता की आय में बढ़ोतरी होगी।


