29/11/23 | 1:53 pm

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पीएम मोदी ने सिलक्यारा सुरंग से बचाए गए श्रमिकों से किया संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 दिन के बचाव अभियान के बाद सिलक्यारा सुरंग से बचाए गए श्रमिकों से संवाद किया। इस दौरान पीएम मोदी ने उनका कुशलक्षेम जानते हुए उनका हौसला भी बढ़ाया।

पीएम मोदी ने श्रमिकों से टेलीफोन पर की बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में सिलक्यारा सुरंग से 17 दिन बाद निकाले गए श्रमिकों से टेलीफोन पर बात की। श्रमिकों को निकाले जाने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने श्रमिकों को सफलतापूर्वक और सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के लिए बचाव टीमों के प्रयासों की सराहना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी जानकारी

इसकी जानकारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए दी। इस वीडियो में पीएम मोदी सभी मजदूरों से फोन पर बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दूसरी और मजदूरों को भी पीएम मोदी से संवाद करते हुए दिखाया गया है। 

https://x.com/pushkardhami/status/1729708292744581199?s=20

प्रधानमंत्री ने मंगलवार देर रात श्रमिकों से टेलीफोन पर बातचीत की और कहा, ‘‘इतने दिन खतरे में रहने के बाद सुरक्षित बाहर आने के लिए मैं आपको बधाई देता हूं। यह मेरे लिए प्रसन्नता की बात है और मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता। अगर कुछ बुरा हो जाता तो पता नहीं, हम इसे कैसे बर्दाश्त करते। ईश्वर की कृपा है कि आप सब सुरक्षित हैं।’’

श्रमिकों से क्या बोले पीएम मोदी ?

वीडियो में प्रधानमंत्री श्रमिकों से कहते दिख रहे हैं, ‘‘17 दिन कोई कम वक्त नहीं होता। आप लोगों ने बहुत साहस दिखाया और एक-दूसरे को हिम्मत बंधाते रहे।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि वह अभियान की जानकारी लेते रहते थे और मुख्यमंत्री धामी के साथ लगातार संपर्क में थे।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी भी वहां थे। लेकिन जानकारी मिलने भर से चिंता कम नहीं हो जाती।’’ सिलक्यारा सुरंग में करीब 17 दिन तक फंसे रहे सभी 41 श्रमिकों को विभिन्न एजेंसियों के संयुक्त बचाव अभियान के तहत मंगलवार को सकुशल बाहर निकाल लिया गया। बिहार के एक श्रमिक सबा अहमद ने प्रधानमंत्री को बताया कि हालांकि वे कई दिनों से सुरंग में फंसे हुए थे, लेकिन उन्हें कभी कोई डर या घबराहट महसूस नहीं हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘हम भाइयों की तरह थे, हम एक साथ थे। हम रात के खाने के बाद सुरंग में टहलते थे। मैं उन्हें सुबह की सैर और योग करने के लिए कहता था। हम उत्तराखंड सरकार, विशेष रूप से मुख्यमंत्री धामी और वी के (सिंह) साहब को धन्यवाद देना चाहते हैं।’’ पीएम मोदी ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने एक सैनिक की तरह डट कर अभियान को आगे बढ़ाया। अहमद ने प्रधानमंत्री को बताया कि श्रमिक जिस सुरंग में फंसे थे, उसके दो किलोमीटर से अधिक के हिस्से में सुबह की सैर करते थे और योग का अभ्यास भी करते थे। उत्तराखंड के एक अन्य श्रमिक गब्बर सिंह नेगी ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री धामी, केंद्र सरकार और बचाव दल के साथ ही उस कंपनी को भी धन्यवाद दिया जिसके लिए वह काम करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘आप जब प्रधानमंत्री के रूप में हमारे साथ हैं… और अन्य देशों से लोगों को आप बचाकर ले आए, तो फिर हम तो अपने देश में ही थे और इसलिए हमें चिंता करने की कोई बात नहीं थी।’’ पीएम मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि उनसे बात करने से पहले सभी श्रमिकों की चिकित्सा जांच हो जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें बताया था कि सभी श्रमिक स्वस्थ और फिट हैं। उन्होंने उनसे यह भी कहा कि मुख्यमंत्री धामी उनके घर वापस जाने की व्यवस्था करेंगे। पीएम मोदी ने अहमद और नेगी के नेतृत्व और साहस की भी सराहना की। 

दुनिया की नजर टिकी थी रेस्क्यू ऑपरेशन पर 

उत्तराखंड सुरंग में फंसे श्रमिकों को निकालने का दुनिया का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद जटिल और खासा चुनौतीपूर्ण था। भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार के बेहतर तालमेल से राहतकर्मियों ने जिस तेजी से सिलक्यारा ऑपरेशन को रिकॉर्ड समय में पूरा किया, वह दुनिया के सामने एक उदाहरण बन गया है।  

सिलक्यारा सुरंग रेस्क्यू ऑपरेशन पर दुनियाभर की नजर थी। दरअसल, सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन दुनिया के दूसरे ऑपरेशन से अलग है। यहां 41 मजदूर बंद सुरंग में फंसे थे। कोई रास्ता न होने पर भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार ने दिन-रात एक कर 17 दिनों में उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कठिन और चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद रेस्क्यू को समय पर पूरा कर सरकार ने रिकॉर्ड बनाया है।