प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 12 मार्च को दांडी कूच दिवस पर अहमदाबाद के साबरमती आश्रम में आयोजित होने वाले ‘आश्रम भूमि वंदना’ कार्यक्रम के अंतर्गत ‘महात्मा गांधी साबरमती आश्रम पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट’ का शुभारंभ कराएंगे।
महात्मा गांधी के आदर्शों को प्रदर्शित करने और उन्हें लोगों के करीब लाने का पीएम का प्रयास
दरअसल, पीएम मोदी का यह निरंतर प्रयास रहा है कि महात्मा गांधी जिन आदर्शों के लिए खड़े थे, उन्हें बनाए रखा जाए और उन्हें संजोया जाए और ऐसे रास्ते भी विकसित किए जाएं जो उनके आदर्शों को प्रदर्शित करें और उन्हें लोगों के करीब लाएं।
इस प्रयत्न के लिए एक और प्रयास में, गांधी आश्रम स्मारक परियोजना वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए महात्मा गांधी की शिक्षाओं और दर्शन को पुनर्जीवित करने में मदद करेगी।
आश्रम के वर्तमान पांच एकड़ क्षेत्र को 55 एकड़ तक किया जाएगा विस्तारित
इस मास्टर प्लान के तहत, आश्रम के वर्तमान पांच एकड़ क्षेत्र को 55 एकड़ तक विस्तारित किया जाएगा। 36 वर्तमान भवन का जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिनमें से 'हृदय कुंज' सहित 20 भवनों, जो गांधीजी का निवास स्थान था, को संरक्षित किया जाएगा, 13 का जीर्णोद्धार किया जाएगा और 3 का पुनरुद्धार किया जाएगा।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा
इसी क्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोमवार को अहमदाबाद स्थित साबरमती आश्रम का दौरा कर ‘आश्रम भूमि वंदना’ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों के साथ ‘आश्रम भूमि वंदना’ कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित होने वाले मुख्य कार्यक्रम की जानकारी हासिल की। उन्होंने साबरमती आश्रम में प्रधानमंत्री के मुख्य कार्यक्रम स्थल सहित अन्य स्थलों का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की रूपरेखा सहित अन्य मुद्दों को लेकर उपस्थित अधिकारियों से चर्चा की।
मुख्यमंत्री के साबरमती आश्रम दौरे के दौरान राज्य के मुख्य सचिव राज कुमार, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन, शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव अश्विनी कुमार, राज्य पुलिस महानिदेशक विकास सहाय, अहमदाबाद मनपा आयुक्त एम. थेन्नारसन, जिला कलेक्टर प्रवीणा डीके, अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त जीएस. मलिक, आश्रम के ट्रस्टी सहित जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

