17/12/23 | 1:43 pm

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भारत-ओमान ने तीसरे संयुक्त कोष निवेश के लिए 2500 करोड़ रुपये पर जताई सहमति 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक ने बीते शनिवार को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करते हुए एक विजन दस्तावेज पर अपनी सहमति जताई। दोनों नेताओं ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को जल्द लागू करने पर भी जोर दिया। 

ओमान-भारत निवेश कोष की तीसरी किश्त पर बनी सहमति

इसके साथ ही दोनों देशों ने 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 2,500 करोड़ रुपये) के ओमान-भारत निवेश कोष की तीसरी किश्त पर भी सहमति जताई , जिसका उपयोग भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा। इस फंड को एसबीआई और ओमान निवेश प्राधिकरण के बीच 50:50 संयुक्त रूप में शुरू किया गया था, जिसमें पहली किश्त 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर और उसके बाद 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर थी।

मोदी और मेहमान नेता के बीच बातचीत को “व्यापक और रचनात्मक” बताते हुए विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि भारत और ओमान के बीच सूचना प्रौद्योगिकी, वित्तीय अपराधों से निपटने, संस्कृति और की स्थापना के क्षेत्र में सहयोग पर समझौतों पर हस्ताक्षर हुआ है। पीएम मोदी ने इसे भारत-ओमान संबंधों में एक ऐतिहासिक दिन बताया उन्होंने कहा ओमान के सुल्तान 26 साल बाद भारत की राजकीय यात्रा पर हैं अपनी सफल प्रतिबद्धताओं के आधार पर, हम संबंध बना रहे हैं।

दोनों देशों ने 10 सूत्रीय विजन डॉक्यूमेंट अपनाया 

विजन डॉक्यूमेंट का जिक्र करते हुए विनय क्वात्रा ने कहा, “इस संयुक्त विजन में 10 अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग पर सहमति बनी है। मुझे विश्वास है कि यह हमारी साझेदारी को एक नया आकार देगा। 

व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की प्रबल संभावना

पीएम मोदी ने कहा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) आर्थिक संबंधों में एक नया आयाम जोड़ेगा, मोदी ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर करने में सक्षम होंगे। “मुझे खुशी है कि सीईपीए समझौते पर चर्चा चल रही है और चर्चा के दो दौर सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं, जहां कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति हुई है। 

ओमान के सुल्तान शुक्रवार को राजकीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे, प्रभावशाली खाड़ी देश के नेता के रूप में उनकी भारत की पहली यात्रा थी। भारत-ओमान विज़न दस्तावेज मोटे तौर पर ओमान के 'विज़न 2040', और भारत के 'अमृतकाल' के विकास दृष्टिकोण में निहित है।

समुद्री सहयोग सहित रुपये के लेनदेन व डिजिटल भुगतान पर हुई चर्चा

क्वात्रा के अनुसार, यह समुद्री सहयोग और कनेक्टिविटी, डिजिटल भुगतान, अंतरिक्ष, हरित ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, खाद्य सुरक्षा और क्रिकेट सहित 8 से 10 क्षेत्रों में साझेदारी बनाने पर केंद्रित है। स्वच्छ ऊर्जा में सहयोग हरित हाइड्रोजन पर भी केंद्रित होगा। दोनों देशों ने रुपये में व्यापार, तथा ओमान द्वारा संबंधित ओमानी प्लेटफॉर्म के साथ भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई का उपयोग करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

 

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