मौसम में आए बदलाव के चलते भारत-पाकिस्तान सीमा पर होने वाली रिट्रीट सेरेमनी का समय बदल दिया गया है। इसकी लोकप्रियता के चलते रिट्रीट सेरेमनी देखने के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक पहुंचते हैं।
लगभग 40 मिनट तक होती है रिट्रीट सेरेमनी
लगभग 40 मिनट तक होने वाली इस रिट्रीट सेरेमनी के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति से सराबोर हो जाता है। वाकयी नजारा देखने लायक होता है जब एक तरफ भारतीय सरहद में भारतीय सैनिक भारत माता की जय-जयकार के नारे लगाते हैं। वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी देश के सैनिक अपनी सरहद में अपने देश के नारे लगाते हैं। ऐसे माहौल में वहां मौजूद लोग देशभक्ति गानों पर झूमते हुए भी दिखाई देते है। इस रिट्रीट सेरेमनी का मकसद दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और सौहार्द का माहौल बनाना भी है।
अब 4.30 बजे से होगी रिट्रीट सेरेमनी
भारत-पाकिस्तान सीमा पर रिट्रीट सेरेमनी देखने के इच्छुक लोगों के लिए इसके बदले हुए समय के बारे जानना भी बेहद जरूरी है। अब यह आयोजन शाम पांच बजे की जगह 4.30 बजे होगा।
कहां होती है रिट्रीट सेरेमनी ?
बीएसएफ ने पंजाब से लगते तीनों क्षेत्रों में समय बदलाव का ऐलान कर दिया है। दोनों देशों के मध्य तीन जगह पर रिट्रीट सेरेमनी होती है, जिसमें भारत की सीमा सुरक्षा बल के जवान पाकिस्तान रेंजर्स के साथ मिलकर भाग लेते हैं।
यह रिट्रीट सेरेमनी अमृतसर में अटारी बार्डर, फाज्लिका में सैदेके चौकी और फिरोजपुर में हुसैनीवाला बॉर्डर पर होती है। इस रिट्रीट सेरेमनी को देखने के लिए बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक पहुंचते हैं। लगभग 40 मिनट तक होने वाली इस रिट्रीट सेरेमनी के दौरान पूरा माहौल देशभक्ति से सराबोर हो जाता है।
कब हुई रिट्रीट सेरेमनी की शुरुआत ?
वाघा बॉर्डर पर होने वाली रिट्रीट सेरेमनी की शुरुआत साल 1959 में हुई थी। रिट्रीट सेरेमनी के दौरान औपचारिक रूप से सीमा को बंद किया जाता है। इसके साथ ही दोनों देश के झंडे को सम्मानपूर्वक उतारा जाता है।


