राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में तीसरे मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बीते शुक्रवार 29 दिसम्बर को सम्पन्न हो गया। तीन दिवसीय सम्मेलन के आखिरी दिन पीएम मोदी ने सभा को सम्बोधित किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि नीति संबंधी व्यापक मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ, उन्होंने कहा कि बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित करने के साथ-साथ सभी नागरिकों के लिए सुशासन सुनिश्चित करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई । बता दें कि सम्मेलन का मुख्य विषय ‘जीवन की सुगमता’ यानी ‘ईज ऑफ लिविंग’ रहा ।
सम्मेलन में 200 से अधिक लोगों की रही भागीदारी
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में केन्द्र सरकार के प्रतिनिधि, मुख्य सचिव और सभी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों सहित 200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में राष्ट्र के विकास और प्रगति के लिए महत्वपूर्ण नीतिगत -संबंधी विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। नागरिकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रौद्योगिकी और नवीन समाधानों का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
राष्ट्र की प्रगति के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण पर जोर
सम्मेलन में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों ने बेहतर सुशासन के लिए अपने संबंधित अधिकार क्षेत्र में कार्यान्वित कार्यक्रमों एवं अनुभवों का सफल मॉडल प्रस्तुत किया,मुख्य सचिवों का यह सम्मेलन राष्ट्र को प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिबद्धता की एक नई भावना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य
इस सम्मेलन का उद्देश्य सरकारी वितरण तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया । साथ ही सहयोगात्मक कार्रवाई के माध्यम से ग्रामीण और शहरी, दोनों आबादी के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्ता के लक्ष्य को हासिल करना है, इसके अलावा कल्याणकारी योजनाओं तक आसान पहुंच और सेवा वितरण में गुणवत्ता पर विशेष जोर देने की पहल शामिल है।
इन 5 सेक्टरों पर रहा मुख्य फोकस
जिन पांच सेक्टर की सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ वितरण को आसान बनाने की तैयारी की जा रही है उनमें में जमीन, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य और स्कूल को शामिल किया गया, ताकि इन पांच सेक्टर की सेवा शहर से लेकर गांव तक के सभी व्यक्तियों को आसानी से मिल सके। इनकी सेवाओं में गुणवत्ता आने से लोगों की उत्पादकता भी बढ़ेगी जिससे देश को विकसित बनाने में मदद मिलेगी।
बैठक में आम लोगों की भलाई से जुड़ी सभी स्कीम को और सरल बनाने की कोशिश के साथ साइबर सुरक्षा, एआई की चुनौतियों जैसे उभरते हुए मसलों पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा राज्यों के साथ प्रधानमंत्री आकांक्षी जिलों व आकांक्षी ब्लाक प्रोग्राम के बारे में भी चर्चा हुई। राज्यों में पर्यटन के प्रोत्साहन, उनकी ब्रांडिंग, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना व पीएम स्वनिधि योजना के अमल को लेकर भी सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से बातचीत हुई।
बता दें कि यह इस तरह का तीसरा सम्मेलन है। इससे पहले जून 2022 में धर्मशाला में और दूसरा जनवरी 2023 में दिल्ली में आयोजित किया गया था। सहकारी संघवाद के सिद्धांत को जमीन पर उतारने के लिए पीएम मोदी के अगुवाई में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच सहभागी शासन और साझेदारी को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्य सचिवों का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।

