05/03/24 | 4:40 pm

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राजनाथ सिंह गोवा में चोल भवन का किया उद्घाटन, कहा – भारत की समुद्री उत्कृष्टता की विरासत का प्रतीक

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज नेवल वॉर कॉलेज (एनडब्ल्यूसी), गोवा में नए प्रशासनिक और प्रशिक्षण भवन का उद्घाटन किया। चोल राजवंश के शक्तिशाली समुद्री साम्राज्य की याद में इस आधुनिक भवन का नाम 'चोल' रखा गया है। इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने नौसेना स्टाफ के प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नौसेना बेस, कारवार में दो प्रमुख तटबंधों का उद्घाटन किया। एयरक्राफ्ट कैरियर पियर दो एयरक्राफ्ट कैरियर और एक लैंडिंग शिप टैंक (बड़े) की एक साथ बर्थिंग करने में सक्षम है। सहायक पोत पियर फास्ट अटैक क्राफ्ट, इंटरसेप्टर क्राफ्ट और सहायक क्राफ्ट की मेजबानी करेगा। ये घाट जहाजों को विभिन्न तट-आधारित सेवाएं, जैसे बिजली, पीने योग्य पानी, एयर कंडीशनिंग के लिए ठंडा पानी और अन्य घरेलू सेवाएं भी प्रदान करेंगे।

 इस मौके पर रक्षा मंत्री ने विश्व स्तरीय अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधा बनाने के लिए नौसेना की सराहना की। राजनाथ सिंह ने चोल भवन को नौसेना की आकांक्षाओं और भारत की समुद्री उत्कृष्टता की विरासत के प्रतीक के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा, यह गुलामी की मानसिकता से बाहर निकलने और अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत पर गर्व महसूस करने की भारत की नई मानसिकता का भी प्रतिबिंब है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से इसी प्राचीर से यही भाव व्‍यक्‍त किया था।

रक्षा मंत्री ने कहा कि अब भारत जमीन के साथ-साथ समुद्री चुनौतियों से भी निपट रहा है। उन्होंने कहा, “पहले, लगभग सभी सरकारें देश की सीमाओं को सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित करती थीं, लेकिन समुद्री खतरों को उतना महत्व नहीं दिया जाता था। हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में हमारे विरोधियों की बढ़ती आवाजाही और क्षेत्र के वाणिज्यिक महत्व को देखते हुए, स्थिति का पुनर्मूल्यांकन और उसी के अनुरूप हमारे सैन्य संसाधनों और रणनीति को फिर से संतुलित करना आवश्यक था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में हमने न केवल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की भूमिका की पुनर्कल्पना की, बल्कि इसे सुदृढ़ भी किया है।

राजनाथ सिंह ने कहा कि नौसेना की तत्परता के कारण भारत तटीय देशों को पूर्ण सहायता प्रदान करके हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। उन्होंने कहा कि नौसेना यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी देश अपनी मजबूत आर्थिक और सैन्य शक्ति के साथ मित्र देशों पर प्रभुत्व स्थापित करने या उनकी संप्रभुता पर किसी तरह का खतरा उत्पन्न न कर सके। 

राजनाथ सिंह ने क्षेत्र में सुरक्षा माहौल को मजबूत करने और अपने समुद्री डकैती विरोधी और तस्करी विरोधी अभियानों के माध्यम से वैश्विक कैनवास पर भारत के लिए सद्भावना पैदा करने के लिए नौसेना की सराहना की।  उन्होंने हाल ही में समुद्र के भीतर केबलों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए ऐसी घटनाओं को रणनीतिक हितों पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने नौसेना से ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया।