04/12/23 | 1:18 pm

Print

सबसे अधिक संख्या के साथ भारत IMO परिषद के लिए फिर से हुआ निर्वाचित 

2024-25 द्विवार्षिक के लिए शुक्रवार को लंदन में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) असेंबली में हुए चुनावों में भारत को सर्वाधिक मतों के साथ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन परिषद के लिए फिर से चुना गया। भारत का दोबारा चुने जाना ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, स्पेन, स्वीडन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ “अंतर्राष्ट्रीय समुद्री व्यापार में सबसे बड़ी रुचि” वाले 10 राज्यों की श्रेणी में आता है। इस श्रेणी में भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, स्पेन, स्वीडन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के नाम शामिल हैं। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव टी.के.रामचंद्रन ने किया। इस प्रतिनिधिमण्‍डल में पोत परिवहन के महानिदेशक श्याम जगन्नाथन, डीजीएस के अधिकारी, लंदन में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि भी शामिल थे।

वैश्विक समुद्री उपस्थिति को मजबूत देना हैं लक्ष्य 

ज्ञात हो कि अमृत काल विजन 2047 ने भारत की वैश्विक समुद्री उपस्थिति को सुदृढ़ बनाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए हैं। जिसके तहत अमृत काल विजन 2047 एक्शन प्लान के हिस्से के रूप में 43 पहलों की पहचान की गई है, जिनमें से प्रमुख पहल हमारी वैश्विक समुद्री उपस्थिति को मजबूत करने पर केंद्रित है। 

अधिकतम वोट अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संचालन में भारत के योगदान को सुदृढ़ करने के संकेत

 पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने 3 दिसंबर को एक आधिकारिक बयान में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) में निरंतर सेवा की श्रेणी-बी में भारत ने एक गौरवशाली और अटूट रिकॉर्ड कायम रखा हैं। केंद्रीय जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में हर संभव प्रयास किया है। हम अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समर्थन से प्रसन्न और विनम्र हैं। अधिकतम वोट अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संचालन में भारत के योगदान को सुदृढ़ करने के लिए सरकार के दृढ़ संकल्प का संकेत हैं। 

क्या हैं आईएमओ ?

बता दें कि आईएमओ, अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है जो शिपिंग की सुरक्षा और जहाजों द्वारा समुद्री और वायुमंडलीय प्रदूषण की रोकथाम की जिम्मेदारी लेती है। IMO की स्थापना 1948 में जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में एक समझौते के बाद की गई थी। अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) समुद्री उद्योग को नियंत्रित करने वाला अग्रणी प्राधिकरण है, जो वैश्विक व्यापार, परिवहन और सभी समुद्री संचालन का समर्थन करता है। यह परिषद अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) की इकाई है और संगठन के कार्य की निगरानी के लिए असेंबली के तहत जिम्मेदार है। यह सत्रों के बीच, परिषद समुद्री सुरक्षा और प्रदूषण की रोकथाम पर सरकारों को सिफारिशें करने के अलावा असेंबली के कार्यों का निष्‍पादन करती है। 
यह परिषद अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) की इकाई है और संगठन के कार्य की निगरानी के लिए असेंबली के तहत जिम्मेदार है। यह सत्रों के बीच, परिषद समुद्री सुरक्षा और प्रदूषण की रोकथाम पर सरकारों को सिफारिशें करने के अलावा असेंबली के कार्यों का निष्‍पादन करती है।

भारत ने बड़े पैमाने पर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का समर्थन प्राप्‍त किया 

दरअसल शिपिंग वास्तव में एक अंतरराष्ट्रीय उद्योग है, और यह केवल तभी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है जब नियमों और मानकों को अंतरराष्ट्रीय आधार पर स्वयं सहमत, अपनाया और कार्यान्वित किया जाता है। और आईएमओ वह मंच है जहां यह प्रक्रिया होती है। भारत ने वैश्विक समुद्री क्षेत्र में सेवा जारी रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का बड़े पैमाने पर समर्थन प्राप्‍त किया है।  

भारत का लक्ष्य आईएमओ लंदन में स्थायी प्रतिनिधियों की नियुक्ति करना

मंत्रालय ने बताया कि एमआईवी 2030 (MIV 2030) के तहत अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) में प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए भारत का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) लंदन में स्थायी प्रतिनिधियों की नियुक्ति करना है। भारत के लिए समुद्री विशेषज्ञता को बढ़ाने और हासिल करने की दृष्टि से, यह प्रस्तावित है कि भारत को आईएमओ में जूनियर प्रोफेशनल ऑफिसर (JPO) कार्यक्रम के लिए कम से कम 2 योग्य उम्मीदवारों को नामांकित करना चाहिए। जेपीओ कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र में एक स्थापित कार्यक्रम है जिसका मुख्य उद्देश्य युवा पेशेवरों को विशेषज्ञों की देखरेख में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने और अपने राष्ट्र के जनादेश की उन्नति में योगदान करने का अवसर प्रदान करना है।

लंदन में भारत के उच्चायोग ने 'एक्स' पर लिखा

भारत को 167 में से 157 वोट मिले। लंदन में भारत के उच्चायोग ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, “#भारत में फिर से मजबूत विश्वास जताने के लिए साझेदारों का आभारी हूं।” पिछली बार भारत को 133 वोट मिले थे और वह यूएई से बराबरी पर आ गया था।

https://x.com/HCI_London/status/1730596846299427055?s=20

RELATED ARTICLES

8 hours ago | Argentina vs Spain

महंगे टिकटों के बावजूद फीफा विश्व कप में उमड़ा फैंस का सैलाब, प्रशंसकों ने खोली जेब

फीफा विश्व कप के फाइनल के साथ ही ऐसा टूर्नामेंट समाप्त होने जा रहा है, जिसमें प्रशंसकों ने टिकटो...

9 hours ago | Brand Ambassador

इंडिया पोस्ट के लिए बनेगा नया शुभंकर, डाक विभाग ने शुरू की डिजाइन प्रतियोगिता

संचार मंत्रालय के डाक विभाग ने इंडिया पोस्ट के आधिकारिक शुभंकर (मैस्कॉट) डिजाइन करने के लिए 'इनो...