21/11/23 | 2:16 pm

Print

सुप्रीम कोर्ट का दिल्ली सरकार को अल्टीमेटम, रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए फंड देने के लिए दिया एक हफ्ते का वक्त

हाल ही में पीएम मोदी ने रैपिड रेल प्रोजेक्ट के पहले फेज का उद्धाटन किया। हालाकि आगे का ट्रैक अभी निर्माणाधीन है। ऐसे मेंरैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली सरकार के फंड न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनके पास विज्ञापन का पैसा है। जरूरी काम के लिए नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के विज्ञापन बजट जब्त करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक हफ्ते तक आदेश स्थगित रहेगा। तब तक कदम उठा लें यानी एक हफ्ते में 415 करोड़ रुपये रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए दे दें।

‘विज्ञापन पर खर्च के लिए पैसे,परियोजना के लिए नहीं’

दरअसल, इसके पहले भी 24 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की खिंचाई की। कोर्ट ने दिल्ली सरकार को रैपिड रेल प्रोजेक्ट के लिए 2 हफ्ते में 415 करोड़ रुपये देने कहा था। जस्टिस संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली बेंच ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि आपने तीन साल में विज्ञापन पर 1100 करोड़ खर्च किए लेकिन आम लोगों से जुड़ी अहम परियोजना के लिए हिस्सा नहीं दिया। क्या हमें एक साल का विज्ञापन बजट जब्त करने का आदेश देना होगा।

दिल्ली सरकार ने फंड देने में जताई थी असमर्थता

तीन जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के लिए धन उपलब्ध कराने में असमर्थता व्यक्त करने पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट्स फंड के कारण रुकने नहीं चाहिए। कोर्ट ने प्रोजेक्ट के लिए फंड मुहैया ना कराने पर नाराजगी जताते हुए दिल्ली सरकार से तीन सालों के विज्ञापनों पर खर्च का विस्तृत ब्योरा देने को कहा था।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी दिया था निर्देश

बता दें कि 21 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कोरिडोर को 500 करोड़ रुपये का योगदान देने का निर्देश देते हुए सरकार से पर्यावरण मुआवजा शुल्क के फंड से यह राशि मुहैया कराने को कहा था। इस पर दिल्ली सरकार द्वारा असमर्थता जाहिर करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आप सरकार के द्वारा पिछले तीन सालों में दिए गए विज्ञापन की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

गौरतलब हो कि सेमी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के जरिए दिल्ली से मेरठ के बीच 82.15 किमी की दूरी 60 मिनट में तय होगी। 24 स्टेशनों वाला रीजनल रैपिड ट्रांसिट सिस्टम कॉरिडोर दिल्ली में सराय काले खां से मोदीपुरम, मेरठ तक का बनाया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत करीब 31,632 करोड़ रुपये है

RELATED ARTICLES

10 mins ago | Armed Forces Flag Day

सरकार देश को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध: रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस (एएफएफडी) पर कहा कि सरकार देश को रक्षा क्षेत्...

29 mins ago | Bihar Chief Minister Nitish Kumar

सीएम नीतीश बक्सर पहुंचे, नावानगर विशेष औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न इकाइयों का किया निरीक्षण

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार प्रदेश में उद्योगों के विकास के प्रति कृतसंकल्पित नजर आ रहे ह...