05/03/24 | 7:02 pm

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हिंद महासागर में शांति, सुरक्षा और समृद्धि का माहौल बनाना भारत का मकसद : रक्षा मंत्री 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज मंगलवार (5 मार्च) को हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में सुरक्षा खतरे की आकलन करने के लिए आह्वान किया इसके लिए उन्होंने सैन्य संसाधनों और रणनीतिक उपाय को जरूरी बताया। उन्होंने यह बात गोवा आईएनएस मंडोवी में नौसेना युद्ध कॉलेज के नए प्रशासनिक और प्रशिक्षण भवन के उद्घाटन के दौरान वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों को संबोधित करने के दौरान कही। रक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हिंद महासागर क्षेत्र में हमारे विरोधियों की आवाजाही बढ़ रही है। जैसे जैसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र का वाणिज्यिक महत्व बढ़ रहा है, भारत के लिए खतरे के अनुरूप सुरक्षा में सुधार करना जरूरी हो गया है। उभरते अवसरों और चुनौतियों को देखते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद प्रशांत क्षेत्र में वैश्विक व्यापार के लिए भारतीय नौसेना के काम का दायरा भारत के आर्थिक हितों से सबसे अधिक जुड़ा हुआ है।

वर्तमात केंद्र सरकार समुद्री सुरक्षा पर दे रही ध्यान

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की लगभग सभी सरकारों का ध्यान इस बात पर रहा कि भारत की भूमि सीमाओं को कैसे मजबूत किया जाए क्योंकि आजादी के बाद भारत को चीन और पाकिस्तान से दोहरे खतरों का सामना करना पड़ा, लेकिन समुद्री खतरों को उतना महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि यह इतिहास से मिले सबक को नजरअंदाज करने जैसा है। उन्होंने याद दिलाया कि, ''भारत में यूरोपीय साम्राज्यवाद समुद्री मार्ग से आया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि हिंद महासागर में भारत की भूमिका की फिर से नई कल्पना की गई है और कई नई तैनाती और नौसेना के स्वदेशीकरण के साथ इसे मजबूत करने की दिशा में भी आगे बढ़ा गया है। परिणामस्वरूप, भारत हिंद महासागर में पसंदीदा सुरक्षा भागीदार के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर में भारतीय नौसेना नए शिपयार्ड और विमान वाहकों की बढ़ती संख्या के साथ मजबूत हो रही है।

हिंद महासागर में शांति और समृद्धि का माहौल बनाना भारत का मकसद 

गोवा में राजनाथ सिंह ने कहा हिंद महासागर क्षेत्र को खतरे की आशंका, सैन्य संसाधनों के पुनर्मूल्यांकन की जरूरत है। भारत की बढ़ती ताकत हिंद महासागर में प्रभुत्व हासिल करने के लिए नहीं बल्कि क्षेत्र में शांति और समृद्धि का माहौल बनाने के लिए है। भारत की बढ़ती नौसेना यह शक्ति न केवल देश को विरोधियों की बढ़ती नौसैनिक शक्ति से बचाएगी, बल्कि हिंद महासागर में अन्य भागीदारों को भी सुरक्षा का माहौल प्रदान करेगी।

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