भारतीय रेलवे ने अपने डिजिटल संचार नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दक्षिण पूर्वी रेलवे में लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से 48-फाइबर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के तहत 1,696.2 रूट किलोमीटर क्षेत्र में उच्च क्षमता वाला संचार नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे रेलवे संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और तकनीक आधारित बनेगा।
चार डिवीजनों में बिछेगा 48-फाइबर ओएफसी नेटवर्क
परियोजना के तहत दक्षिण पूर्वी रेलवे के चार प्रमुख डिवीजनों में ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई जाएगी। इसमें आद्रा डिवीजन में 545.4 रूट किलोमीटर, चक्रधरपुर डिवीजन में 392.3 रूट किलोमीटर, खड़गपुर डिवीजन में 339.9 रूट किलोमीटर और रांची डिवीजन में 418.6 रूट किलोमीटर तक ओएफसी नेटवर्क स्थापित किया जाएगा।
रेल संचार व्यवस्था होगी और मजबूत
भारतीय रेलवे के अनुसार यह उन्नत फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क रेलवे संचालन के लिए उच्च क्षमता और अधिक विश्वसनीय संचार व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। इससे परिचालन संबंधी सूचनाओं का तेज आदान-प्रदान संभव होगा तथा स्टेशनों, नियंत्रण कार्यालयों और फील्ड इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
आधुनिक तकनीकों को मिलेगा समर्थन
यह परियोजना आधुनिक रेलवे प्रौद्योगिकियों के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ परिचालन दक्षता में सुधार करेगी। साथ ही भविष्य में क्षमता विस्तार के लिए आवश्यक डिजिटल अवसंरचना भी उपलब्ध कराएगी, जिससे दक्षिण पूर्वी रेलवे का संचार नेटवर्क और अधिक मजबूत होगा।
डिजिटल रेलवे के लक्ष्य को मिलेगी गति
भारतीय रेलवे ने कहा कि यह मंजूरी देशभर में रेलवे अवसंरचना के आधुनिकीकरण की दिशा में जारी प्रयासों का हिस्सा है। उन्नत संचार प्रणालियों के माध्यम से रेलवे सुरक्षित, स्मार्ट और अधिक कुशल ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के अपने लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है। (इनपुट: पीआईबी)


