प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने तेलंगाना में राष्ट्रीय राजमार्ग-63 के आर्मूर-जगतियाल-मंचेरियल खंड और राष्ट्रीय राजमार्ग-563 के जगतियाल-करीमनगर खंड को चार लेन में विस्तारित करने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। 190.76 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर कुल 7,597.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-63 के आर्मूर-जगतियाल और जगतियाल-मंचेरियल खंड का विकास हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) पर किया जाएगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग-563 के जगतियाल-करीमनगर खंड को बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (टोल) मॉडल पर विकसित किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, आर्मूर-जगतियाल-मंचेरियल मार्ग तेलंगाना के निजामाबाद, जगतियाल और मंचेरियल जिलों से होकर गुजरता है। वर्तमान में अंक्सापूर, कोरुटला, जगतियाल, धर्मपुरी, लक्षेट्टीपेट और मंचेरियल जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भारी यातायात दबाव के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। इसी प्रकार जगतियाल-करीमनगर खंड पर भी जगतियाल, पोथाराम, गंगाधारा और करीमनगर जैसे क्षेत्रों में यातायात का भारी दबाव है।
इन परियोजनाओं के तहत चार लेन सड़क के साथ आबादी वाले क्षेत्रों के लिए बाईपास बनाए जाएंगे तथा ओपन टोलिंग प्रणाली लागू की जाएगी। सड़क को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित, तेज और सुगम होगी।
परियोजना के पूरा होने पर आर्मूर और मंचेरियल के बीच यात्रा समय में लगभग डेढ़ घंटे तथा जगतियाल और करीमनगर के बीच लगभग 45 मिनट की कमी आने का अनुमान है। इससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को लाभ मिलेगा।
सरकार का कहना है कि परियोजना से ईंधन की खपत, कार्बन उत्सर्जन और वाहन संचालन लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी। साथ ही क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना प्रधानमंत्री गति शक्ति के सिद्धांतों के अनुरूप विकसित की जा रही है और इससे पांच आर्थिक केंद्र, सात सामाजिक केंद्र तथा 10 लॉजिस्टिक केंद्र बेहतर रूप से जुड़ेंगे। इससे देश के लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स (एलपीआई) में भी सुधार होने की उम्मीद है।
परियोजना से सिद्धिपेट और वारंगल अर्बन के विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड), निजामाबाद और सिद्धिपेट के मेगा फूड पार्क तथा राजन्ना सिरसिला के मत्स्य एवं समुद्री खाद्य क्लस्टर को बेहतर संपर्क मिलेगा।
इसके अलावा वेमुलावाड़ा, कोंडागट्टू, नागुनूर किला, धर्मपुरी, कालेश्वरम, लोअर मन्नैर बांध और किला फोर्ट जैसे सामाजिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी।
लॉजिस्टिक नेटवर्क के तहत निजामाबाद, जगतियाल, पेद्दापल्ली, कोरुटला, मंचेरियल, पोद्दुर, गंगाधारा और करीमनगर रेलवे स्टेशनों को बेहतर सड़क संपर्क प्राप्त होगा।
सरकार के अनुसार, परियोजना के निर्माण से लगभग 34.43 लाख मानव-दिवस प्रत्यक्ष और 42.70 लाख मानव-दिवस अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।


