प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नवनियुक्त कर्मियों को 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि रोजगार मेला युवाओं के लिए 'विकसित भारत' का निर्माता बनने का मार्ग प्रशस्त करता है।
ये नियुक्ति पत्र आपके परिश्रम और प्रतिभा का नतीजा
नवनियुक्त युवाओं को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये नियुक्ति पत्र आपके परिश्रम और प्रतिभा का नतीजा हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति पाने वालों की प्राथमिकता देशवासियों के जीवन को सुगम बनाना होना चाहिए।
51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र
देश में लाखों युवाओं को भारत सरकार का नौकरी देने का अभियान लगातार जारी है। आज पचास हजार से ज्यादा युवाओं को सरकार की ओर से नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। ये नियुक्ति पत्र आपके परिश्रम और प्रतिभा का नतीजा है। इन्हीं शब्दों के साथ पीएम मोदी ने नवनियुक्तों और उनके परिजनों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
नवनियुक्तों से बोले पीएम- 'आपका सरोकार सीधे जनता जनार्दन से'
पीएम मोदी ने कहा, अब आप राष्ट्र निर्माण की उस धारा से जुड़ने जा रहे हैं जिसका सरोकार सीधे जनता जनार्दन से है। भारत सरकार के कर्मचारी के तौर पर आप सभी को बड़े-बड़े दायित्वों को निभाना है। आप जिस भी पद पर रहें, जिस भी क्षेत्र में काम करें आपकी सर्वोच्च प्राथमिकता देशवासियों की ''ईज ऑफ लिविंग'' ही होनी चाहिए।
''वंचितों को वरीयता'' के मंत्र को लेकर के आगे बढ़ ही सरकार
पीएम मोदी ने स्मरण करते हुए बताया कुछ ही दिन पहले 26 नवंबर को देश ने संविधान दिवस मनाया है। आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा, यही वो तारीख है जब 1949 में देश ने सभी नागरिकों को एक समान अधिकार देने वाले संविधान को अपनाया था। संविधान के मुख्य शिल्पी बाबा साहब ने एक ऐसे भारत का सपना देखा था जहां सबको एक समान अवसर देकर सामाजिक न्याय स्थापित किया जाए। दुर्भाग्य से आजादी के बाद लंबे समय तक देश में समानता के सिद्धांत की अनदेखी की गई। 2014 से पहले समाज के एक बड़े वर्ग को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया। 2014 में देश ने जब हमें सेवा करने का मौका दिया और सरकार चलाने की जिम्मेदारी दी तो सबसे पहले हमने ''वंचितों को वरीयता'' इस मंत्र को लेकर के आगे बढ़ने की दिशा आरंभ की।
सरकार उन तक पहुंची जिन्हें कभी योजनाओं का लाभ नहीं मिला
पीएम ने बताया सरकार खुद चलकर उन लोगों तक पहुंची जिन्हें कभी योजनाओं का लाभ नहीं मिला। जिन्हें दशकों तक सरकार की तरफ से कोई सुविधा नहीं मिली थी हम उनका जीवन बदलने का प्रयास कर रहे हैं। सरकार की सोच में, सरकार की कार्य संस्कृति में जो बदलाव आया है उसकी वजह से देश में अभूतपूर्व परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, ब्यूरोक्रेसी वही है, लोग वही हैं, फाइलें वही है, काम करने वाले भी वही है, तरीका भी वही है लेकिन जब सरकार ने देश के गरीब को प्राथमिकता दी तो सारी स्थितियां बदलने लगी। बहुत तेज गति से एक के बाद एक कार्यशैली भी बदलने लगी, कार्यपद्धति भी बदलने लगी, जिम्मेवारियां तय होने लगी और जनसामान्य की भलाई के पॉजिटिव रिजल्ट सामने आने लगे।
पांच वर्षों में देश के तेरह करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए
पीएम मोदी ने बताया एक अध्ययन के मुताबिक पांच वर्षों में देश के तेरह करोड़ से ज्यादा लोग गरीबी से बाहर आए हैं। इससे पता चलता है कि सरकार की योजनाओं का गरीब तक पहुंचना कितना बड़ा परिवर्तन लाता है। आज सुबह ही आपने देखा होगा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा किस तरह गांव-गांव जा रही है। आपकी तरह ही सरकार के कर्मचारी सरकार की योजनाओं को गरीब के दरवाजे तक ले जा रहे हैं। पीएम मोदी ने नवनियुक्तों को संबोधित करते हुए कहा, सरकारी सेवा में आने के बाद आपको भी नेक नियत से ऐसे ही समर्पण भाव से ऐसी ही निष्ठा से अपने आपको जनता जनार्दन की सेवा के लिए खपाना ही है।
पीएम ने कहा, आज के बदलते हुए भारत में आप सभी एक इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति के भी साक्षी बन रहे हैं। आधुनिक एक्सप्रेस वे हो, आधुनिक रेलवे स्टेशन हो, एयरपोर्ट्स हो, वाटर वे हो आज देश इन पर लाखों करोड़ रुपये खर्च कर रही है। जब सरकार इतने बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर पर धन खर्च कर रही है तो बहुत स्वाभाविक है कि इसके कारण रोजगार के भी लाखों नए अवसर बनते हैं।
बरसों से अटकी, भटकी, लटकी परियोजनाओं को खोज-खोजकर किया पूरा
उन्होंने यह भी बताया कि 2014 के बाद से एक और बहुत बड़ा बदलाव ये भी आया है कि बरसों से अटकी, भटकी, लटकी परियोजनाओं को खोज-खोजकर के मिशन मोड पर पूरा कराया जा रहा है। आधी-अधूरी योजनाएं हमारे देश के ईमानदार टैक्सपेयर के पैसे तो बरबाद करती ही करती हैं, लागत भी बढ़ जाती है और जो उनका लाभ मिलना चाहिए, वो भी नहीं मिलता है। ये हमारे टैक्सपेयर्स के साथ भी बहुत बड़ी नाइंसाफी है।
युवाओं को रोजगार दिया
आगे जोड़ते हुए उन्होंने कहा, बीते वर्षों में केंद्र सरकार ने लाखों करोड़ के प्रोजेक्ट की समीक्षा करके उन्हें तेजी से पूरा करवाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की है। इससे भी देश के कोने-कोने में रोजगार के अनेक नए अवसर बने हैं। उदाहरण के तौर पर पीएम बताते हैं कि जैसे विदर्भ-कलबुर्गी रेलवे लाइन ऐसी ही एक परियोजना थी जिसे बाईस-तेईस साल पहले शुरू किया था लेकिन ये प्रोजेक्ट भी अटका हुआ था, भटका हुआ था। हमने 2014 में हिसाब पूरा करने का संकल्प लिया और केवल तीन साल में इस परियोजना को पूरा करके दिखाया। ऐसे ही सिक्किम के पाक्योंग एयरपोर्ट की परिकल्पना भी 2008 में की गई थी लेकिन 2014 तक ये सिर्फ कागजों पर ही बनता रहा। 2014 के बाद इस प्रोजेक्ट से जुड़ी सारी बाधाओं को हटाकर इसे 2018 तक पूरा कर दिया। इसने भी रोजगार दिए।
यह रोजगार मेला देशभर के 37 स्थानों पर किया आयोजित
उल्लेखनीय है कि यह रोजगार मेला देश भर के 37 स्थानों पर आयोजित किया गया। देशभर से चुने गए नए कर्मचारी सरकार के राजस्व विभाग, गृह मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग, वित्तीय सेवाएं विभाग, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय तथा श्रम और रोजगार मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों व विभागों में योगदान करेंगे।
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