25/08/26 | 8:18 pm

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भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग की 7वीं बैठक, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

भारत और मोरक्को ने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है। दोनों देशों ने व्यापार के साथ-साथ निवेश और औद्योगिक सहयोग को भी व्यापक स्तर पर बढ़ाने पर सहमति जताई है। भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) ने इसकी जानकारी दी।

एमईए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मोरक्को स्थित भारतीय दूतावास की पोस्ट को शेयर करते हुए लिखा, “भारत-मोरक्को संयुक्त आयोग की 7वीं बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद और मोरक्को के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय में विदेश व्यापार के प्रभारी राज्य सचिव उमर हेजीरा ने की। बैठक में दोनों पक्षों ने मौजूदा आर्थिक साझेदारी की समीक्षा करने के साथ ही भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान पर चर्चा की।”

दूतावास ने संयुक्त आयोग की बैठक (जेसीएम) में की गई चर्चा का ब्योरा दिया। बताया कि बैठक के दौरान व्यापार संबंधों को और मजबूत बनाने, निवेश के अवसर बढ़ाने तथा दोनों देशों के उद्योगों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। भारत और मोरक्को के बीच पहले से ही कृषि, उर्वरक, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, खनन, ऊर्जा और आईटी जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग है। दोनों पक्ष अब इन क्षेत्रों में साझेदारी को और व्यापक बनाने के साथ नए क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रहे हैं।

2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। इसके लिए व्यापारिक बाधाओं को कम करने, कारोबारी संपर्क बढ़ाने और निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।

भारत और मोरक्को के बीच औद्योगिक सहयोग बढ़ने से दोनों देशों की कंपनियों के लिए नए बाजार और निवेश के अवसर खुल सकते हैं। विशेष रूप से विनिर्माण, कृषि-प्रसंस्करण, नवीकरणीय ऊर्जा, खनन और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं।

बैठक में दोनों देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि मजबूत व्यापारिक संबंध व्यापक रणनीतिक साझेदारी का आधार बन सकते हैं। निवेश और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ने से रोजगार, तकनीकी आदान-प्रदान और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत और मोरक्को के बीच बढ़ता सहयोग वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक मजबूत और विविध बनाने के लिहाज से अहम है। जेसीएम से दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को अधिक गतिशील बनाने का रास्ता साफ हुआ है।

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