अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (एएनआरएफ) ने जटिल सामाजिक और विकासात्मक चुनौतियों के समाधान के लिए अंतःविषयक शोध को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अभिसरण अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) कार्यक्रम के तहत 10 संस्थानों का चयन किया है। इस पहल का उद्देश्य सामाजिक विज्ञान, मानविकी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी को एकीकृत करते हुए ऐसे अनुसंधान केंद्र विकसित करना है जो सतत विकास और सामाजिक नवाचार को गति दें।
बहुविषयक अनुसंधान को मिलेगा नया आयाम
अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के अनुसार यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें बहुविषयक शिक्षा और अनुसंधान को प्राथमिकता दी गई है। इसका लक्ष्य जटिल समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक और सामाजिक दृष्टिकोणों का एकीकृत उपयोग सुनिश्चित करना है।
10 उत्कृष्टता केंद्रों का चयन
इस कार्यक्रम के तहत चयनित संस्थानों में विभिन्न विषयगत क्षेत्रों के 10 अभिसरण अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गांधीनगर में मानव-जलवायु अंतःक्रिया और पर्यावरण इतिहास केंद्र, राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान में पुरातत्व और संरक्षण अनुसंधान केंद्र तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास में संस्कृत आधारित एआई संगीत एवं योग केंद्र शामिल हैं।
इसके अलावा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान अगरतला में पूर्वोत्तर लोककथाओं के डिजिटलीकरण पर केंद्र, मानव विकास संस्थान दिल्ली में एआई और श्रम बाजार पर अध्ययन केंद्र तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान धारवाड़ में ग्रामीण विकास एवं स्थिरता केंद्र को भी चुना गया है।
ग्रामीण विकास और सामाजिक नवाचार पर फोकस
चयनित केंद्रों में भारतीय प्रबंधन संस्थान जम्मू का कारीगरों के डिजिटल सशक्तिकरण पर केंद्र और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर का भाषा प्रदर्शन एवं हस्तक्षेप अनुसंधान केंद्र भी शामिल है। ये सभी केंद्र ग्रामीण आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन जैसे क्षेत्रों में काम करेंगे।
डिजिटल मानविकी और तकनीकी एकीकरण
कार्यक्रम में चाणक्य विश्वविद्यालय और पीएसजीआर कृष्णम्मल महिला महाविद्यालय जैसे संस्थानों को भी शामिल किया गया है, जो उभरती प्रौद्योगिकियों और कम्प्यूटेशनल अर्थशास्त्र जैसे क्षेत्रों में कार्य करेंगे। इन केंद्रों का उद्देश्य पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक तकनीक के बीच सेतु बनाना है।
945 प्रस्तावों में से हुआ चयन
एएनआरएफ को इस कार्यक्रम के तहत 945 प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जो इसकी व्यापक स्वीकार्यता और राष्ट्रीय महत्व को दर्शाते हैं। चयनित केंद्रों में कुल 20 सहयोगी संस्थानों का नेटवर्क शामिल है, जिसमें केंद्रीय विश्वविद्यालय, आईआईटी, एनआईटी, राज्य विश्वविद्यालय और निजी अनुसंधान संस्थान शामिल हैं।
विकसित भारत 2047 के विजन से जुड़ी पहल
यह पूरी योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ी है, जिसका उद्देश्य भारत को एक समावेशी, नवाचार-आधारित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाना है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिग डेटा और आधुनिक तकनीकों के युग में यह पहल सामाजिक-आर्थिक विकास के नए रास्ते खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। (इनपुट: पीआईबी)


