मंगलवार को जारी SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दस वर्षों में भारत के हायर एजुकेशन सेक्टर में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। संस्थानों की संख्या, छात्रों का एनरोलमेंट और महिलाओं व पिछड़े समुदायों की भागीदारी में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, FY14 में यूनिवर्सिटीज की संख्या 723 थी, जो FY24 में बढ़कर 1,289 हो गई। इसी अवधि में कॉलेजों की संख्या 36,634 से 48,246 तक पहुंच गई। स्टैंडअलोन संस्थानों की संख्या भी 11,664 से बढ़कर 15,221 हो गई।
4.5 करोड़ से ज्यादा छात्रों का एनरोलमेंट, पुरुष-महिला लगभग बराबर
FY24 में उच्च शिक्षा में छात्रों का कुल एनरोलमेंट 4.5 करोड़ से अधिक हो गया। इसमें पुरुषों और महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग बराबर रही। शेड्यूल कास्ट (SC), शेड्यूल ट्राइब (ST) और अदर बैकवर्ड क्लासेस (OBC) के छात्रों की कुल एनरोलमेंट में हिस्सेदारी करीब 62 प्रतिशत थी। महिलाओं की भागीदारी में भी सुधार दिखा। अंडरग्रेजुएट स्तर पर साइंस स्ट्रीम में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक रही, जबकि PhD स्तर पर उनकी हिस्सेदारी पुरुषों के लगभग बराबर थी।
शिक्षकों की संख्या बढ़ी, लेकिन कई पद अभी भी खाली
FY14 में शिक्षकों की संख्या 13.7 लाख थी, जो FY24 में 17.3 लाख हो गई। इनमें महिलाओं की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत रही। हालांकि, केंद्र सरकार से फंड पाने वाली यूनिवर्सिटीज और संस्थानों में मंजूर टीचिंग पोस्ट्स में से लगभग एक-तिहाई पद खाली हैं। प्रोफेसर स्तर पर खाली पदों की संख्या खास तौर पर ज्यादा है।
IIT, IIM और NIT का विस्तार, प्लेसमेंट और सैलरी में बड़ा सुधार
FY14 में IITs, IIMs और NITs की कुल संख्या 59 थी, जो FY26 में बढ़कर 76 हो गई। IIMs से प्लेसमेंट FY16 में 7,500 से बढ़कर FY24 में लगभग 13,700 हो गए। IITs में यह आंकड़ा 9,500 से लगभग 17,500 तक पहुंचा। FY16 से FY24 के बीच इन संस्थानों में मीडियन सैलरी दोगुनी से अधिक हो गई। FY24 में IIMs में मीडियन सैलरी 40 लाख रुपये से ज्यादा दर्ज की गई।
खर्च बढ़ाने और सुधारों की जरूरत पर जोर
SBI रिसर्च ने शिक्षा पर सरकारी खर्च बढ़ाने की जरूरत बताई। हाल के वर्षों में कुल सरकारी खर्च में हायर एजुकेशन का हिस्सा करीब एक प्रतिशत ही रहा है। रिपोर्ट में रिसर्च में ज्यादा निवेश, इंडस्ट्री-एकेडेमिया के बीच मजबूत संबंध और वोकेशनल ट्रेनिंग के विस्तार की सिफारिश की गई है। साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को वैधानिक संस्था बनाने और मुफ्त व निष्पक्ष शैक्षिक अवसर के अधिकार को समर्थन देने के लिए संवैधानिक संशोधन पर विचार करने का सुझाव भी दिया गया है। (इनपुट-एजेंसी)


