ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) के साथ हुआ समझौता राज्य में एल्युमिनियम मूल्य श्रृंखला परियोजना के लिए कई नए अवसर खोलेगा। इससे हरित धातु, अनुसंधान, वैश्विक क्षमता केंद्र और औद्योगिक विकास को मजबूती मिलेगी।
अदाणी ग्रुप ने ओडिशा में 11.5 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये) के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इस निवेश के जरिए राज्य में एकीकृत एल्युमिनियम निर्माण तंत्र विकसित किया जाएगा।
भुवनेश्वर में आयोजित समझौता हस्ताक्षर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) के साथ हुआ यह समझौता ओडिशा की वैश्विक औद्योगिक साझेदारी में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
प्रस्तावित परियोजना में एल्युमिनियम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया शामिल होगी, जिनमें:
- बॉक्साइट खनन
- एल्युमिना शोधन
- एल्युमिनियम गलन संयंत्र
- निजी विद्युत उत्पादन
- तैयार उत्पाद निर्माण
- संबंधित आधारभूत ढांचा विकास
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना से निर्माण कार्य के दौरान करीब 35,000 रोजगार और संचालन शुरू होने के बाद 18,500 स्थायी रोजगार पैदा होंगे।
उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार राज्य की खनिज संपदा का उपयोग केवल खनन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसके जरिए निर्माण, रोजगार और आर्थिक समृद्धि बढ़ाना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी हरित धातु, अनुसंधान एवं विकास, धातुकर्म, अभियांत्रिकी, डिजिटल प्रणाली, परियोजना प्रबंधन और वैश्विक क्षमता केंद्रों में भी सहयोग के नए रास्ते खोलेगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार परियोजना के लिए भूमि, बिजली, पानी, परिवहन, संपर्क व्यवस्था, सरकारी स्वीकृतियां, कौशल विकास और अन्य जरूरी सुविधाएं तय समय पर उपलब्ध कराएगी।
इस मौके पर अदाणी ग्रुप के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने कहा कि परियोजना के तहत पूरी एल्युमिनियम उत्पादन श्रृंखला विकसित की जाएगी।
इसके अंतर्गत:
- प्रतिवर्ष 40 लाख टन क्षमता की एल्युमिना रिफाइनरी
- लगभग 20 लाख टन क्षमता का एल्युमिनियम स्मेल्टर संयंत्र
- करीब 10 लाख टन क्षमता वाला एल्युमिनियम औद्योगिक पार्क
स्थापित किया जाएगा। यह समझौता ओडिशा को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा।
(इनपुट- एजेंसी)


