नई दिल्ली के भारत मंडपम में जारी ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट’ और ‘एक्सपो 2026’ के दौरान भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन (डीएफपीडी) और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) ने संयुक्त रूप से एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की, जिसमें एआई के जरिए खाद्य वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता पर तकनीकी फोकस
प्रदर्शनी में एआई के माध्यम से खाद्य सुरक्षा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता और सेवा की रिस्पॉन्सिवनेस बढ़ाने के उपायों को प्रदर्शित किया गया। डीएफपीडी और डब्ल्यूएफपी के बीच 20 वर्षों से अधिक पुराना सहयोग अब एआई आधारित नवाचार के जरिए फूड डिस्ट्रीब्यूशन को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एआई से संचालन क्षमता में सुधार
डीएफपीडी के सचिव संजीव चोपड़ा ने कहा कि फूड सेक्टर को पारंपरिक रूप से रूटीन माना जाता रहा है, लेकिन एआई के एकीकरण से संचालन क्षमता और सेवा वितरण में सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस तकनीक से लाभार्थियों तक सेवाएं अधिक प्रभावी तरीके से पहुंच रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र की सराहना
संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर स्टीफन प्रीसनर ने समिट के पैमाने और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि डीएफपीडी और डब्ल्यूएफपी के बीच सहयोग खाद्य वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
साझेदारी से खाद्य सुरक्षा को मजबूती
डब्ल्यूएफपी इंडिया की कंट्री डायरेक्टर एलिजाबेथ फॉरे ने कहा कि दोनों संस्थाओं के बीच दो दशकों से अधिक की साझेदारी खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शित समाधान लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस पहल हैं।
जिम्मेदार एआई और समावेशी विकास पर जोर
यह प्रदर्शनी जिम्मेदार एआई के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें मानवता, समावेशी विकास और सतत भविष्य के लिए तकनीक के उपयोग पर विशेष फोकस किया गया है। आयोजन को भारत को एआई इनोवेशन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। (इनपुट: आईएएनएस)


