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असम दिवस पर अमित शाह की शुभकामनाएं, कहा- मोदी सरकार ने राज्य में शांति और विकास को दी नई दिशा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को असम के लोगों को असम दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के तहत पिछले नौ वर्षों में राज्य में शांति और स्थिरता स्थापित हुई है और असम को विकास व शिक्षा का एक उभरता हुआ केंद्र बनाया गया है।

असम की समृद्ध संस्कृति की रक्षा करने के हमारे संकल्प को मजबूत करता है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है

उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले वर्षों में भी इस विकास यात्रा को जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है। अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “असम के सभी भाई-बहनों को असम दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। यह अवसर अहोम युग की शान को याद करता है और असम की समृद्ध संस्कृति की रक्षा करने के हमारे संकल्प को मजबूत करता है, जिस पर हर भारतीय को गर्व है।” उन्होंने आगे कहा, “पिछले नौ वर्षों में मोदी जी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने शांति का एक नया दौर शुरू किया है, असम को विकास और शिक्षा का हब बनाया है और इस प्रक्रिया को बिना रुके जारी रखने का दृढ़ संकल्प लिया है। यह दिन हमारी एकता के बंधन को और मजबूत करे और हमारी संस्कृति के प्रति हमारा जुड़ाव और गहरा बनाए।”

असम दिवस, अहोम साम्राज्य के संस्थापक और पहले राजा चाओलुंग सुकाफा के आगमन की स्मृति में मनाया जाता है

असम दिवस, जो हर वर्ष 2 दिसंबर को मनाया जाता है, असम का एक क्षेत्रीय सार्वजनिक अवकाश है। यह दिन अहोम साम्राज्य के संस्थापक और पहले राजा चाओलुंग सुकाफा के आगमन की स्मृति में मनाया जाता है। आज असम में 30 मिलियन से अधिक लोग रहते हैं, और असम दिवस उनकी संस्कृति और ऐतिहासिक जड़ों की अहम याद दिलाता है।
चाओलुंग सुकाफा को असम के इतिहास के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक माना जाता है। उनके द्वारा स्थापित अहोम राजवंश ने लगभग छह सदियों तक शासन किया। उनके शासनकाल में अहोम साम्राज्य ने न केवल मुगल साम्राज्य जैसी बड़ी शक्तियों का सामना किया, बल्कि एक मजबूत प्रशासनिक और सांस्कृतिक पहचान की नींव भी रखी। असम के आदिवासी समुदायों के प्रति उनका सम्मानपूर्ण रवैया उन्हें लोकप्रिय बनाता है और एक एकीकृत तथा सर्वसमावेशी राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

समारोह राज्य की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं

असम दिवस के समारोह राज्य की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हैं। दिन की शुरुआत पारंपरिक संगीत और बगुरुम्बा, बिहू तथा भोरताल जैसे स्थानीय नृत्यों से होती है। चाओलुंग सुकाफा के योगदान का सम्मान करने और असम की एकता व विविधता का उत्सव मनाने के लिए पूरे राज्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुरस्कार समारोह और बड़े जुलूस आयोजित किए जाते हैं। (इनपुट-आईएएनएस)