घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत में लगातार दूसरे महीने 6.28 रुपये प्रति लीटर यानी 5.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही ATF की कीमत 115 रुपये से बढ़कर 121.28 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
यह बढ़ोतरी जुलाई में की गई 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती के बाद लगातार दूसरी वृद्धि है। जुलाई में ATF की कीमत घटाकर 110 रुपये प्रति लीटर की गई थी, जिसे अगस्त में बढ़ाकर 115 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया था।
नई बढ़ोतरी के बाद ATF की कीमत जुलाई के स्तर से 11.28 रुपये प्रति लीटर अधिक हो गई है। इस तरह जुलाई की कटौती के बाद कीमतों में फिर तेजी का रुख देखने को मिल रहा है।
सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत कीमतों के आधार पर पेट्रोलियम उत्पादों की दरों की समीक्षा हर पखवाड़े करती है। इससे पहले 15 अगस्त को कीमतों की समीक्षा की गई थी।
15 अगस्त की समीक्षा में ATF के निर्यात पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) 19.5 रुपये प्रति लीटर तय की गई थी। वहीं, डीजल के निर्यात पर यह शुल्क 24 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क शून्य किया गया था।
सरकार ने स्पष्ट किया था कि ये बदलाव निर्यात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू हैं, जबकि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
ATF के साथ 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड LPG (FTL) गैर-घरेलू सिलेंडर की कीमत भी 2 रुपये बढ़ाई गई है। इसकी कीमत 762 रुपये से बढ़कर 764 रुपये प्रति सिलेंडर हो गई है।
ATF एयरलाइंस की परिचालन लागत का एक बड़ा हिस्सा होता है। ऐसे में इसकी कीमत लगातार बढ़ने से एयरलाइंस की लागत पर दबाव बढ़ सकता है। यदि ईंधन की ऊंची कीमतें लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो इसका असर विमानन कंपनियों के खर्च के साथ-साथ हवाई किरायों पर भी पड़ सकता है।
(इनपुट- एएनआई)


