भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (आईएन-स्पेस) ने गुरुवार को अपनी टेक्नोलॉजी एडॉप्शन फंड (टीएएफ) योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए तीन भारतीय अंतरिक्ष स्टार्टअप्स — एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज, सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया और टीएम2स्पेस टेक्नोलॉजीज का चयन किया है।
आईएन-स्पेस की ओर से जारी बयान के अनुसार, इन स्टार्टअप्स को भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने और वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने वाली अत्याधुनिक तकनीकों के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
बेंगलुरु स्थित एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड अंतरिक्ष प्रक्षेपण यानों के लिए 800 किलोन्यूटन क्षमता वाला उच्च-थ्रस्ट क्लोज्ड-साइकिल लिक्विड रॉकेट इंजन विकसित करेगी।
यह पुन: उपयोग योग्य एलओएक्स-एलएनजी रॉकेट इंजन उच्च दक्षता और मॉड्यूलर डिजाइन से लैस होगा तथा मध्यम और भारी श्रेणी के प्रक्षेपण यानों के लिए व्यावसायिक प्रणोदन समाधान उपलब्ध कराएगा।
बेंगलुरु की स्पेस एनालिटिक्स कंपनी सैटश्योर एनालिटिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ‘धारिणी’ नामक एक लार्ज अर्थ ऑब्जर्वेशन मॉडल (एलओएम) विकसित करेगी, जिसे रिमोट सेंसिंग अनुप्रयोगों के लिए भारत के आधारभूत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया जाएगा।
विविध उपग्रह और हवाई आंकड़ों पर प्रशिक्षित यह मॉडल कृषि, बुनियादी ढांचे और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में उपयोगी विश्लेषण उपलब्ध कराएगा, जिससे राष्ट्रीय स्तर पर डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
हैदराबाद स्थित टीएम2स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड उपग्रहों के लिए स्वदेशी एआई-संचालित स्टार ट्रैकर प्रणाली विकसित करेगी। यह तकनीक उच्च-रिजॉल्यूशन इमेजिंग और संचार मिशनों के लिए आवश्यक सटीक दिशा-निर्धारण सुनिश्चित करेगी।
परियोजना के तहत क्यूबसैट के लिए स्टारसेंस लाइट और 50 किलोग्राम से अधिक वजन वाले उपग्रहों के लिए स्टारसेंस प्रो विकसित किए जाएंगे। यह प्रणाली उन्नत ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑनबोर्ड एल्गोरिद्म की मदद से उच्च सटीकता वाली एटीट्यूड डिटरमिनेशन क्षमता प्रदान करेगी।
इन स्टार्टअप्स का चयन इसरो, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और आईएन-स्पेस के प्रतिनिधियों वाली विशेषज्ञ समिति द्वारा बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया।
आईएन-स्पेस के अध्यक्ष डॉ. पवन गोयनका ने कहा कि यह फंड शुरुआती चरण के विकास और व्यावसायिक सफलता के बीच मौजूद महत्वपूर्ण अंतर को पाटने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा, “ये केवल नवाचार आधारित अवधारणाएं नहीं हैं, बल्कि व्यावहारिक और बाजार के लिए तैयार समाधान हैं, जो वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में भारत की भागीदारी को मजबूत करेंगे।”
आईएन-स्पेस ने कहा कि चयनित परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, निगरानी और चरणबद्ध वित्तीय सहायता जारी रखी जाएगी।
-(इनपुटःएजेंसी)


