केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने बुधवार को कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप इकोसिस्टम टियर-2 और 3 शहरों तक फैल गया है और देश में स्टार्टअप की संख्या दो लाख से अधिक हो गई है। ब्रिक्स यूथ एंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग 2026 के साइडलाइन में खेल राज्य मंत्री खडसे ने कहा कि पीएम मोदी के विजन के अनुरूप, केंद्र ने स्टार्टअप, इनोवेशन और उद्यमशीलता को लेकर कई निर्णय लिए गए हैं। इससे देश में पूरा एक स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित हुआ है। इससे स्टार्टअप बड़े शहरों से बाहर निकलकर टियर 2 और टियर 3 शहरों में भी खुले हैं।
उन्होंने आगे बताया कि पिछली बार जब कॉन्फ्रेंस हुई थी तो भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के अनुभव को सभी ब्रिक्स देशों के साथ साझा करने पर सहमति बनी थी। इसे लेकर ही ब्रिक्स यूथ एंटरप्रेन्योरशिप वर्किंग ग्रुप मीटिंग 2026 का आयोजन किया गया है। इससे सभी देशों को फायदा होगा। खेल राज्य मंत्री ने आगे बताया कि यह एक दो-दिवसीय बैठक है, जिसकी शुरुआत आज हुई है। इसमें कई देशों से लोग भाग ले रहे हैं और मध्य पूर्व में संकट के कारण कुछ लोग नहीं जुड़ पाए हैं, जो वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे।
बीते हफ्ते, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक सत्र को संबोधित करते हुए संगठन के 20 वर्षों के सफर, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर बात की। उन्होंने कहा कि ‘ब्रिक्स-20: मजबूती, नवाचार, सहयोग और स्थिरता का निर्माण’ विषय पर आधारित यह सत्र ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ-साथ पार्टनर देशों को भी साथ लाया है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए, हम आज अपने सहयोग की प्रकृति और उसके भविष्य की दिशा पर चर्चा कर रहे हैं। पार्टनर देशों की मौजूदगी ने हमारे सामूहिक प्रयासों को और मजबूत किया है और आपसी जुड़ाव को गहरा किया है। अपनी सामूहिक ताकत का इस्तेमाल करके हम ब्रिक्स को और ज्यादा मजबूत, तेज और बदलती परिस्थितियों के मुताबिक ढलने वाला बना सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि समय के साथ ब्रिक्स का दायरा और महत्व दोनों बढ़े हैं। यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों की उस इच्छा को दर्शाता है, जिसमें वे एक ज्यादा संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था चाहते हैं। बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार, ब्रिक्स ने अपने एजेंडे और सदस्यता दोनों का विस्तार किया है, लेकिन इसका ध्यान हमेशा लोगों के विकास और व्यावहारिक सहयोग पर बना रहा है।


