18/03/26 | 5:26 pm

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कैबिनेट ने बाराबंकी और बहराइच के बीच ₹6,969 करोड़ के चार-लेन वाले हाईवे को दी मंज़ूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश में बाराबंकी और बहराइच के बीच नेशनल हाईवे 927 के चार-लेन वाले एक्सेस-कंट्रोल्ड हिस्से के निर्माण को ₹6,969.04 करोड़ की लागत से मंज़ूरी दे दी।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 101.515 किलोमीटर लंबी इस परियोजना को हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत लागू किया जाएगा।

सरकार ने बताया कि NH-927 के बाराबंकी-बहराइच हिस्से को अपग्रेड करने के इस प्रस्ताव का मकसद बाराबंकी और बहराइच ज़िलों के शहरी इलाकों में सड़कों की बनावट से जुड़ी कमियों, तीखे मोड़ों और ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करना है।

लगातार सर्विस सड़कों के साथ एक एक्सेस-कंट्रोल्ड चार-लेन वाले हाईवे के तौर पर डिज़ाइन की गई यह परियोजना, मुख्य रिहायशी इलाकों को बाईपास करेगी, यात्रा की औसत गति बढ़ाएगी और दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को घटाकर लगभग एक घंटा कर देगी। इससे सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहनों के परिचालन खर्च में भी सुधार होने की उम्मीद है।

इस कॉरिडोर से राज्य भर में कई आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों से कनेक्टिविटी मज़बूत होने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, यह अपग्रेड किया गया हाईवे तीन आर्थिक केंद्रों, दो सामाजिक केंद्रों और 12 लॉजिस्टिक्स केंद्रों को आपस में जोड़ेगा।

यह परियोजना रूपाईडीहा लैंड पोर्ट और आस-पास के हवाई अड्डों तक पहुँच को बेहतर बनाकर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को भी बढ़ाएगी, जिससे इस पूरे क्षेत्र में सामान और यात्रियों की आवाजाही तेज़ हो सकेगी।

पूरा होने के बाद, इस कॉरिडोर के नेपालगंज सीमा के रास्ते भारत और नेपाल के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा-पार व्यापार और पारगमन मार्ग के रूप में काम करने की उम्मीद है, जिससे रूपाईडीहा लैंड पोर्ट तक पहुँच बेहतर होगी।

अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना बहराइच और श्रावस्ती जैसे दूरदराज के ज़िलों तक कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगी, PM गतिशक्ति पहल के तहत लॉजिस्टिक्स केंद्रों को सहायता देगी, और कृषि व्यापार, पर्यटन तथा क्षेत्रीय निवेश को बढ़ावा देगी।