भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार चीन, ब्रिक्स सहयोग पर जोर

गलवान विवाद के बाद भारत और चीन के बीच बने तनाव में हाल के महीनों में कुछ कमी देखने को मिली है। दोनों देशों के बीच वे सेवाएं भी धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं, जो गलवान घटना के बाद पूरी तरह बंद हो गई थीं। इसी क्रम में भारत में चीन की राजदूत जू फीहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दोनों देशों के बीच सहयोग को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं।

ब्रिक्स शेरपा मीटिंग में भारत-चीन सहयोग पर जोर

चीनी राजदूत जू फीहोंग ने बताया कि 9 फरवरी को चीन के ब्रिक्स शेरपा और उप विदेश मंत्री मा झाओक्सू ने नई दिल्ली में आयोजित पहली ब्रिक्स शेरपा बैठक में हिस्सा लिया।

ब्रिक्स सहयोग के हाई-क्वालिटी डेवलपमेंट पर जोर

उन्होंने कहा कि इस दौरान मा झाओक्सू ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के उस विजन को साझा किया, जिसमें ब्रिक्स सहयोग के हाई-क्वालिटी डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है। इसमें शांति, नवाचार, ग्रीन विकास, न्याय और लोगों के बीच करीबी संपर्क को बढ़ाने वाला पांच स्तरीय सहयोग मॉडल प्रस्तुत किया गया, जो ब्रिक्स तंत्र के भविष्य के विकास की दिशा तय करता है।

भारत के साथ मिलकर ब्रिक्स सहयोग मजबूत करने को तैयार चीन

जू फीहोंग ने कहा कि चीन इस वर्ष ब्रिक्स के चेयरमैन भारत के साथ मिलकर ब्रिक्स सदस्य देशों और साझेदार राष्ट्रों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन व्यवहारिक सहयोग को गहरा करने, कामकाज के तरीकों को बेहतर बनाने, बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय को बनाए रखने तथा ब्रिक्स सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी शुरू

चीनी राजदूत ने बताया कि बैठक के दौरान ब्रिक्स सहयोग की प्राथमिकताओं और वर्ष के प्रमुख आयोजनों पर विचार साझा किए गए। इसके साथ ही 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। (इनपुट: आईएएनएस)