बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार ने कार्यभार संभाल लिया है। सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं। वे जहां विभिन्न विकास योजनाओं का स्वयं निरीक्षण कर रहे हैं, वहीं लगातार अधिकारियों के साथ बैठकें भी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और निगरानी विभाग के कार्यों की समीक्षा की
इसी क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और निगरानी विभाग के कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्यों को तेज गति से पूरा किया जाए।
राज्य में भ्रष्टाचार समाप्त करने में निगरानी विभाग प्रभावी, संवेदनशील और अपनी गतिशील भूमिका निभा रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य में भ्रष्टाचार समाप्त करने में निगरानी विभाग प्रभावी, संवेदनशील और अपनी गतिशील भूमिका निभा रहा है। हमारा उद्देश्य न्याय के साथ विकास करना और जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए राज्य को भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है।”
उन्होंने सुशासन और पारदर्शिता के साथ सभी योजनाओं को लागू करने पर जोर दिया
उन्होंने सुशासन और पारदर्शिता के साथ सभी योजनाओं को लागू करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे आम जन को सीधा और त्वरित लाभ मिल सकेगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी थी
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। इसके अलावा वे हाजीपुर इंडस्ट्रियल एरिया भी पहुंचे और वहां विभिन्न कारखानों व परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की प्राथमिकता रोजगार और नौकरी सृजन है। चुनाव के दौरान एनडीए ने अगले पांच साल में एक करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था। (इनपुट-आईएएनएस)


