सरकार ने उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए 6,900 से अधिक लाइसेंस रद्द किए हैं। यह कदम किसानों के हितों की रक्षा और उन्हें उचित कीमत पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
यूरिया सस्ती दर पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था
सरकार की यूरिया सब्सिडी योजना के तहत किसानों को अधिसूचित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। 45 किलो यूरिया के बैग का एमआरपी 242 रुपए तय है (नीम कोटिंग और करों को छोड़कर)। उत्पादन लागत और बाजार मूल्य के अंतर को सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करती है।
एनबीएस योजना से पी-के उर्वरकों की किफायती आपूर्ति
पोषक तत्व आधारित सब्सिडी योजना (एनबीएस) के तहत फॉस्फेट और पोटैशियम (P&K) उर्वरकों पर सब्सिडी जारी रखी गई है। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय कीमतों के उतार-चढ़ाव के बावजूद किसानों को उर्वरक किफायती दर पर उपलब्ध कराना है।
अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर नजर, समय-समय पर संशोधन
सरकार वैश्विक बाजार में उर्वरकों और कच्चे माल की कीमतों पर नजर रखती है और उसी के अनुसार एनबीएस दरों में वार्षिक या द्विवार्षिक संशोधन करती है, ताकि किसानों को राहत मिलती रहे।
डीएपी और टीएसपी पर विशेष अतिरिक्त सब्सिडी
किसानों की लागत कम करने के लिए खरीफ 2025 और रबी 2025-26 सीजन के लिए डीएपी और आयातित टीएसपी पर 3,500 रुपए प्रति मीट्रिक टन की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। इसमें परिवहन लागत, अंतरराष्ट्रीय मूल्य उतार-चढ़ाव और उचित लाभ को ध्यान में रखा गया है।
किसानों के हितों की रक्षा पर सरकार का फोकस
सरकार का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना, कीमतों को नियंत्रण में रखना और किसानों को किसी भी तरह की कालाबाजारी से बचाना है। (इनपुट: पीआईबी)


