मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलत्ती ने पीएम मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने गाजा शांति समझौते में मिस्र की अहम भूमिका के लिए राष्ट्रपति सिसी को हार्दिक बधाई दी और उम्मीद जताई कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित होगी।
विदेश मंत्री अब्देलत्ती ने पीएम को उनकी यात्रा के दौरान आयोजित होने वाली पहली भारत-मिस्र रणनीतिक वार्ता के बारे में भी जानकारी दी।पीएम ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, रक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।
विदेश मंत्री के रूप में अब्देलती की यह पहली भारत यात्रा है।इससे पहले एक कार्यक्रम के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मिस्र को लेकर अपने संबोधन में कहा, “हमारे राजनीतिक संपर्क और समन्वय बहुपक्षीय संबंधों सहित मजबूत और निरंतर रहे हैं। हमारे रक्षा और सुरक्षा आदान-प्रदान बढ़े हैं। व्यापार और निवेश आशाजनक बने हुए हैं और हम इस पर चर्चा करेंगे कि इन्हें कैसे आगे बढ़ाया जाए। हम डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, फिनटेक, फार्मा, अंतरिक्ष, स्टार्टअप और हरित प्रौद्योगिकियों में संभावनाओं का पता लगा सकते हैं। दो प्राचीन सभ्यताओं के अनुरूप, संस्कृति और लोगों के बीच आदान-प्रदान भी हमारे संबंधों में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।”
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय की मित्रता को ध्यान में रखते हुए, यह स्वाभाविक ही था कि मिस्र जून 2025 में इस क्षेत्र से भारतीय नागरिकों को निकालने में भारत की सहायता करे। उन्होंने कहा, “पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद आपकी सरकार और आपने व्यक्तिगत रूप से जो एकजुटता दिखाई, उसके लिए मैं आपकी गहरी सराहना व्यक्त करना चाहता हूं। उस समय प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति सिसी ने एक-दूसरे से बात की थी। हमने उस गर्मजोशी भरे स्वागत को भी देखा जो आपने उसके बाद मिस्र का दौरा करने वाले बहुदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का किया था।” विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने जोर देकर कहा कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अंतर्राष्ट्रीय स्थिति ‘जटिल और अस्थिर’ है।


