नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह 7:55 बजे लखनऊ से आने वाली पहली वाणिज्यिक उड़ान के सफलतापूर्वक उतरने के साथ ही एयरपोर्ट के संचालन का नया अध्याय शुरू हो गया। यह एयरपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च को राष्ट्र को समर्पित किया गया था। जैसे ही विमान ने रनवे को स्पर्श किया, यात्रियों ने तालियां बजाकर इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया। विमान को पारंपरिक वाटर कैनन सलामी भी दी गई, जो एयरपोर्ट पर संचालन शुरू होने का प्रतीकात्मक संकेत माना जाता है।
उड़ान के आगमन से पहले एयरपोर्ट परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कई परिवार, किसान और महिला किसान समूह वहां मौजूद थे। इनमें से अनेक लोग पहली बार हवाई यात्रा करने जा रहे थे। उनके चेहरों पर उत्सुकता, रोमांच और खुशी साफ झलक रही थी। इस अवसर पर भाजपा विधायक धीरेंद्र सिंह ने इसे क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और भावनात्मक क्षण बताते हुए कहा, “यह शब्दों से परे एक विशेष क्षण है। अब सभी किसान विमान के उड़ान भरने का इंतजार कर रहे हैं। किसान विमान की खिड़की से अपनी जमीन को देखेंगे और उन दिनों को याद करेंगे जब वे खेती कर अपने बच्चों का पालन-पोषण करते थे। पहले खेती ही आजीविका का मुख्य साधन थी, लेकिन आज इस क्षेत्र के लोगों के पास रोजगार और व्यवसाय के कई नए अवसर उपलब्ध हैं। इससे वे अपने जीवन स्तर में सुधार कर सकते हैं और बच्चों को बेहतर शिक्षा दे सकते हैं।”
वहीं, यमुना प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राकेश कुमार सिंह ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन को साकार करती है, जिसमें हवाई यात्रा को आम नागरिकों की पहुंच में लाने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसा भारत बनाने की कल्पना की थी, जहां चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सके। आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है। एयरपोर्ट से पहली उड़ान में इस क्षेत्र के वे किसान लखनऊ जा रहे हैं, जिन्होंने परियोजना के लिए अपनी भूमि दी थी। वे मुख्यमंत्री से मिलकर उनका आभार व्यक्त करेंगे। यह हम सभी के लिए गर्व और खुशी का विषय है।”
अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ से पहली उड़ान का आगमन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण परिचालन उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा इस वर्ष उद्घाटन किए जाने के बाद अब एयरपोर्ट चरणबद्ध तरीके से पूर्ण यात्री सेवाओं की ओर बढ़ रहा है। परियोजना के लिए भूमि देने वाले किसानों को लेकर संचालित इस प्रतीकात्मक पहली उड़ान के बाद जल्द ही नियमित वाणिज्यिक सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों का लक्ष्य एयरपोर्ट को देश के प्रमुख शहरों से जोड़ना है। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी। इससे रोजगार, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, साथ ही ग्रामीण समुदायों के लिए नए अवसर भी पैदा होंगे।(इनपुट-आईएएनएस)


