फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों बुधवार को फर्स्ट लेडी ब्रिजिट मैक्रों के साथ नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर उनका केंद्रीय राज्य मंत्री के.वी. सिंह ने स्वागत किया। रिमझिम बारिश के बीच लोक कलाकारों की प्रस्तुति पर राष्ट्रपति मैक्रों ने हाथ जोड़कर आभार जताया।
एआई समिट में भागीदारी से संबंधों को बल
विदेश मंत्रालय (एमईए) ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि राष्ट्रपति मैक्रों इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने भारत आए हैं। मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मेलन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव के बीच भारत-फ्रांस संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा।
भारत यात्रा का क्रम
राष्ट्रपति बनने के बाद मैक्रों की यह चौथी भारत यात्रा है। उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत मुंबई से की। इससे पहले वे मार्च 2018 में पहली बार भारत आए थे। इसके बाद सितंबर 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन 2023 और जनवरी 2024 में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
रणनीतिक साझेदारी का विस्तार
भारत और फ्रांस के बीच 1998 से रणनीतिक साझेदारी है। दोनों देश रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग करते हैं। यह दौरा द्विपक्षीय सहयोग को और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इनोवेशन ईयर और एआई रोडमैप
भारत और फ्रांस वर्ष 2026 को ‘भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर’ के रूप में मना रहे हैं। इस संयुक्त पहल का उद्देश्य नई तकनीक, शोध और औद्योगिक नवाचार में सहयोग बढ़ाना है। दोनों देश जिम्मेदार और एथिकल एआई प्रणाली विकसित करने के लिए साझा एआई रोडमैप पर भी काम कर रहे हैं।
मोदी-मैक्रों बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को मुंबई में राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की और संयुक्त प्रेस वार्ता की। प्रधानमंत्री ने फ्रांस को भारत का विशेष साझेदार बताते हुए दोनों देशों के संबंधों को ‘स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ स्तर तक उन्नत करने की घोषणा की।
साझेदारी का व्यापक दायरा
इस उन्नत साझेदारी के तहत भारत और फ्रांस सुरक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर व्यापक सहयोग बढ़ाएंगे। इससे पहले दोनों देशों के संबंध ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ स्तर पर थे, जिसकी शुरुआत 1998 में हुई थी। (इनपुट: आईएएनएस)


