मेडिकल की पढ़ाई करने वाली बेटियों के लिए वरदान बनी गुजरात सरकार की ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना’

गुजरात की लड़कियों के लिए राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना’ वरदान साबित हुई है। इसी योजना के तहत कई छात्राएं अहमदाबाद के डॉक्टर एमके शाह मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर में अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं। गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में बालिकाओं की हायर एजुकेशन के लिए चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना’ के तहत इन छात्राओं को मेडिकल कॉलेज की भरी-भरकम फीस भरने के लिए वित्तीय मदद मिल रही है।

अंकलेश्वर की रहने वाली मेडिकल छात्रा राशि ने बताया कि मेरे परिवार की इतनी आर्थिक इनकम नहीं थी कि वे मेडिकल की फीस भर सकें। हमने सरकार की स्कीम का लाभ लिया। ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना’ के तहत मेडिकल कॉलेज की भारी-भरकम फीस भरने के लिए मदद मिली है।

अरवल्ली की छात्रा मनाली ने बताया कि मेरी इच्छा थी कि एमबीबीएस की पढ़ाई करूं, लेकिन हमारे परिवार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं थी। ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना’ का मुझे लाभ मिला है।

‘मुख्यमंत्री कन्या कैलवणी निधि योजना’ के अंतर्गत 6 लाख रुपए से कम वार्षिक आय वाले परिवारों की बेटियों को ‘नीट’ एक्जाम पास करने के बाद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए 4 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद दी जाती है। 2017-18 में शुरू की गई इस योजना की वजह से गुजरात के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेने वाली बालिकाओं की संख्या में खासी वृ‌द्धि दर्ज की गई है।

एमकेएस मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर एमएम प्रभाकर ने कहा कि गुजरात सरकार की ‘मुख्यमंत्री कन्या केलवणी निधि योजना’ से छात्राओं को लाभ मिला है और इससे ड्रॉपआउट रेट कम हुआ है। हमारे कॉलेज की कई लड़कियों को इस स्कीम का लाभ मिल रहा है।

योजना के तहत साल 2024-25 में गुजरात सरकार की ओर से 5,155 छात्राओं को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए 162.69 करोड़ रुपए की फाइनेंशियल मदद दी गई, जबकि इस योजना के तहत अब तक राज्य में 26,972 छात्राओं को डॉक्टर बनने के लिए 798.11 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है।

गुजरात और देश के डेवलपमेंट के लिए यह बहुत जरूरी है कि बेटियां काबिल बनें। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की विजनरी लीडरशिप में सरकार की यह योजना पीएम नरेंद्र मोदी के बेटियों को सशक्त बनाने के संकल्प को पूरा करने में क्रांतिकारी साबित हो रही है। (इनपुट-आईएएनएस)