गुजरात विधानसभा ने वर्ष 2026-27 के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 25,403.23 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में 8.63 प्रतिशत अधिक है, जिसमें अतिरिक्त 2,017 करोड़ रुपये विशेष रूप से दूरदराज के क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए रखे गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के हर नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। वर्तमान में राज्य में 9,231 उप-स्वास्थ्य केंद्र, 1,539 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 353 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कार्यरत हैं।
राज्य में जांच सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री निदान योजना के तहत मुफ्त लैब टेस्ट की संख्या 71 से बढ़ाकर 134 कर दी गई है। साथ ही, दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए 132 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स भी संचालित की जा रही हैं।
परिवार कल्याण कार्यक्रमों के लिए 5,733.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मातृ स्वास्थ्य के तहत ‘खिलखिलाट’ योजना के लिए 250 नई वैन खरीदी जाएंगी, जबकि ‘नमो श्री योजना’ के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 12,000 रुपये की सहायता दी जाएगी, जिससे करीब 3.95 लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी।
आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 108 एम्बुलेंस सेवा में 71 नई एम्बुलेंस जोड़ी जाएंगी। वहीं, पीएमजेएवाई-एमए योजना के तहत प्रति परिवार मुफ्त इलाज की सीमा बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे लगभग 2.73 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे।
चिकित्सा शिक्षा के लिए 9,877.16 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 41 से बढ़कर 43 हो गई है और एमबीबीएस सीटें बढ़कर 7,525 हो गई हैं।
सरकार ने अहमदाबाद और सूरत में 1,500-1,500 बेड वाले मेडिसिटी प्रोजेक्ट स्थापित करने की योजना भी घोषित की है, जिससे आधुनिक इलाज सुविधाएं और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, सूरत, भावनगर और जामनगर में सरकारी अस्पतालों में आईवीएफ सेवाएं शुरू की जाएंगी। नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए नए विशेष केंद्र बनाए जाएंगे और अहमदाबाद में न्यूरो व ऑर्थोपेडिक पुनर्वास केंद्र स्थापित किया जाएगा।
कैंसर उपचार के लिए पोरबंदर, हिम्मतनगर, वलसाड और गोधरा में नए रेडियोथेरेपी केंद्र खोले जाएंगे। वहीं, राजकोट में पीडीयू अस्पताल की जगह 360 करोड़ रुपये की लागत से 1,000 बेड का नया आधुनिक अस्पताल बनाया जाएगा।
टीबी मरीजों के लिए ‘निक्षय पोषण योजना’ के तहत मासिक सहायता राशि 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी गई है। साथ ही, आयुर्वेदिक सेवाओं के विस्तार और डायलिसिस सुविधाओं के उन्नयन के लिए भी अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं।
कुल मिलाकर यह बजट राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और आम लोगों की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
(इनपुटःएजेंसी)


