केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि वे जापान की राजधानी टोक्यो में एनर्जी वैल्यू चेन में भारत-जापान सहयोग के अवसरों पर चर्चा के लिए जापान के इंडस्ट्री लीडर्स के साथ एक राउंड टेबल का हिस्सा बने।
सम्मेलन में भारत-प्रशांत की ऊर्जा स्थिरता और सतत विकास को भारत-जापान सहयोग से मजबूत करने पर चर्चा हुई
उन्होंने इस सम्मेलन को लेकर जानकारी देते हुए बताया, “हमने चर्चा की कि भारत-प्रशांत क्षेत्र की ऊर्जा स्थिरता और सस्टेनेबल ग्रोथ किस प्रकार भारत के व्यापक पैमाने विशेषकर पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने और बढ़ाने से जुड़ी पहलों और जापान की कटिंग-एज टेक्नोलॉजिकल लीडरशिप के साथ नया आकार पा सकती हैं।”
भारत की 6 प्रमुख ऑयल-गैस पीएसयू ने 2024-25 में 315 अरब डॉलर राजस्व दर्ज किया, जो जीडीपी का 8% है
केंद्रीय मंत्री पुरी ने एक्स पर लिखा, “भारत की 6 बड़ी ऑयल और गैस पब्लिक सेक्टर कंपनियों ने वित्त वर्ष 2024-25 में 315 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो कि भारत की जीडीपी का 8 प्रतिशत है। यह पैमाना ग्लोबल एनर्जी एंकर और जापान के निवेशकों- टेक्नोलॉजी लीडर्स के लिए एक विश्वसनीय पार्टनर के रूप में भारत की भूमिका को उजागर करता है।”
100% FDI, पारदर्शी बिडिंग और वर्षभर लाइसेंसिंग जैसे सुधारों ने निवेशक-अनुकूल ऊर्जा माहौल बनाया है
उन्होंने बताया कि 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), ट्रांसपेरेंट बिडिंग, ईयर-राउंड एक्सप्लोरेशन लाइसेंसिंग जैसे भारत के पॉलिसी रिफॉर्म्स ने एक पूर्वानुमानित और इंवेस्टर-फ्रेंडली एनर्जी एनवायरमेंट तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत के ई&पी, एलएनजी, सीजीडी, हाइड्रोजन और अन्य क्षेत्रों में बड़े निवेश अवसरों के बीच भारत-जापान एक-दूसरे के पूरक हैं
केंद्रीय मंत्री ने पोस्ट में आगे लिखा, “ऐसे समय में जब भारत ईएंडपी, एलएनजी, सीजीडी, हाइड्रोजन, शिपिंग और न्यू फ्यूल्स जैसे सेक्टर्स में 500 अरब डॉलर से अधिक के निवेश अवसरों को पेश कर रहा है, भारत और जापान एक-दूसरे के पूरक हैं।”
भारत के पास युवा कार्यबल, मजबूत बिज़नेस माहौल और मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड का विज़न है
उन्होंने आगे कहा कि जहां एक ओर भारत के पास एक विशाल और युवा वर्कफोर्स मौजूद है। बेहतरीन बिजनेस इकोसिस्टम और मेक इन इंडिया पहल के तहत मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड का विजन है। वहीं, जापान एडवांस टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करता है। साथ ही, ग्रीन एंड एनवायरमेंटल टेक्नोलॉजी को लेकर अपनी नेतृत्व प्रदान करता है।(इनपुट-आईएएनएस)


