भारतीय सेना और जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘धर्म संरक्षक’ (Dharma Guardian) का 7वां संस्करण शुरू किया है। यह अभ्यास उत्तराखंड के चौबटिया स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में 24 फरवरी से 9 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है।

अर्ध-शहरी वातावरण में युद्धाभ्यास

‘धर्म संरक्षक’ (धर्मा गार्डियन) अभ्यास अर्ध-शहरी युद्ध परिस्थितियों पर केंद्रित है, जहां शत्रुतापूर्ण माहौल में घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाए जाएंगे। हेलीकॉप्टर आधारित अभियान, दुश्मन के कब्जे वाले ठिकानों पर कार्रवाई और हाउस इंटरवेंशन ड्रिल का भी अभ्यास किया जाएगा।

संयुक्त खुफिया और सुरक्षा तंत्र का अभ्यास

इस युद्धाभ्यास के दौरान खुफिया निगरानी और टोही (आईएसआर) ग्रिड विकसित किया जाएगा। दोनों देशों की सेनाएं मोबाइल वाहन चेक पोस्ट स्थापित करेंगी और संयुक्त परिचालन प्रक्रियाओं का अभ्यास करेंगी।

दोनों देशों के 120-120 सैनिक शामिल

अभ्यास में भारत और जापान की सेनाओं के 120-120 सैनिक भाग ले रहे हैं। भारतीय दल में लद्दाख स्काउट्स के जवान शामिल हैं, जबकि जापान की 32वीं इन्फैंट्री रेजिमेंट के सैनिक भी हिस्सा ले रहे हैं। यह अभ्यास बारी-बारी से भारत और जापान में आयोजित किया जाता है।

सैन्य सहयोग और अंतर-संचालनीयता पर जोर

अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करना और संयुक्त सैन्य क्षमताओं को बढ़ाना है। इसमें आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग, अंतर-संचालनीयता में सुधार और समकालीन सैन्य रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और सामरिक समन्वय

अगले दो सप्ताह में भाग लेने वाले सैनिक उच्च स्तरीय शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, संयुक्त योजना प्रक्रियाओं को परिष्कृत करेंगे और सामरिक समन्वय को मजबूत करेंगे। अभ्यास के दौरान एक अस्थायी परिचालन आधार की स्थापना भी की जाएगी। (इनपुट: आईएएनएस)