केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उद्योग और सरकार के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत को वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक चुनौतियों को तेज सुधारों, मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं और अधिक निर्यात के अवसरों में बदलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पादों को केवल कच्चे माल के रूप में नहीं, बल्कि तैयार उत्पादों के रूप में वैश्विक बाजारों तक पहुंचना चाहिए।
सेवा क्षेत्र, एआई और डेटा सेंटर में बड़े अवसर
पीयूष गोयल ने भारत के सेवा क्षेत्र पर भरोसा जताते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और डेटा सेंटर इकोसिस्टम में देश के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रतिभा पर भरोसे के कारण ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) तेजी से बढ़ रहे हैं। मंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर स्थापित हो रहे डेटा सेंटर्स अपना अलग इकोसिस्टम तैयार करेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिलेगा।
1 ट्रिलियन डॉलर निर्यात लक्ष्य पर जोर
उन्होंने कहा कि भारत अब 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। पीयूष गोयल ने निर्यातकों से आगामी मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का सक्रिय रूप से लाभ उठाने, नए बाजार तलाशने और वैश्विक जुड़ाव बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समझौतों के औपचारिक रूप से लागू होने से पहले ही नमूनाकरण और परीक्षण ऑर्डर शुरू किए जाने चाहिए।
पर्यटन और घरेलू खपत को बताया अहम
केंद्रीय मंत्री ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में पर्यटन और घरेलू खपत की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने नागरिकों से भारतीय पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने की अपील की। ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने उजाला एलईडी बल्ब कार्यक्रम की सफलता को याद किया, जिससे ऊर्जा खपत में उल्लेखनीय कमी आई और सालाना करीब एक लाख करोड़ रुपए की बचत हुई।
उद्योग जगत से मांगे नए सुझाव
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार अलग-अलग विभागों में काम करने के बजाय एकीकृत तरीके से काम कर रही है। उन्होंने उद्योग जगत से सुधारों के लिए लीक से हटकर सुझाव देने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आंतरिक सुधार भी कर रहा है।
एकीकृत डिजिटल सिस्टम पर काम
मंत्री ने कहा कि मंत्रालय के 46 संगठनों के तहत 216 शहरों में 482 कार्यालय संचालित हो रहे हैं और इन्हें राज्य की राजधानियों तथा प्रमुख शहरों में एकल-संपर्क केंद्रों के रूप में समेकित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे व्यवसायों को डीजीएफटी, कॉफी बोर्ड, मसाला बोर्ड, जीईएम और अन्य निकायों से जुड़ी सेवाओं तक एकीकृत डिजिटल सिस्टम के जरिए आसान पहुंच मिल सकेगी।
‘विकसित भारत’ के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
गुणवत्ता, उत्पादकता, स्थानीयकरण और नवाचार पर आधारित संस्कृति का आह्वान करते हुए पीयूष गोयल ने सुझाव दिया कि उद्योग और सरकार मिलकर स्वदेशीकरण, आयात प्रतिस्थापन, निर्यात, ऊर्जा दक्षता और नवाचार जैसे क्षेत्रों में प्रगति की निगरानी के लिए स्कोरकार्ड विकसित करें। उन्होंने सभी हितधारकों से ‘विकसित भारत’ और ‘अमृत काल’ की यात्रा को अधिक परिणाम-उन्मुख, कुशल और सहयोगात्मक बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की। (इनपुट: पीआईबी)


