आज के दौर में आंखों में सूखापन एक काफी बड़ी और गंभीर समस्या बन गई है। लंबे समय तक डिजिटल स्क्रीन का उपयोग आंखों में सूखेपन के लक्षणों को बढ़ा सकता है। इसके अलावा, आहार सहित कई अन्य कारक भी ड्राई आई की समस्या को प्रभावित कर सकते हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण गुप्ता के अनुसार, आंखों में सूखेपन के प्रमुख लक्षण जैसे— आंखों में जलन, गड़न, लालीमा, भारीपन होना है। उनके अनुसार-
- आंखों में डिजिटल स्क्रीन के उपयोग की वजह से सूखेपन का बचाव 20-20-20 नियम को अपनाकर किया जा सकता है। इस नियम के अनुसार हमें हर 20 मिनट में 20 सेकंड का अंतराल लेना है और 20 फुट दूर देखना है एवं अपनी आंखों को झपकाना है। यह नियमित रूप से करने पर आंखों में सूखेपन में काफी लाभ मिलता है।
- इसके साथ हमें अपने खान-पान पर भी ध्यान देना चाहिए। क्या हम ओमेगा-3 फैटी एसिड पूर्ण मात्रा में ले रहे हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड आंखों की बीमारियाँ जैसे उम्र से संबंधित मैकुलर डीजनेरेशन (ARMD), ड्राई आई सिंड्रोम (DES), ग्लूकोमा (काला मोतिया) और रेटिना संबंधी रोगों से बचाव में मदद करता है। यह आंखों की सूजन को कम करता है और आंसू की परत (tear film) को बनाए रखता है।
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ओमेगा-3 तीन मुख्य प्रकार के होते हैं:
अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA)
ईकोसापेंटाएनोइक एसिड (EPA)
डोकोसाहेक्साएनोइक एसिड (DHA)
ओमेगा-3 फैटी एसिड आंखों के प्राकृतिक आंसू बनाने में मदद करता है।
- स्रोत
- सर्वोत्तम स्रोत: समुद्री फैटी मछलियाँ (जैसे साल्मन, सार्डिन), फिश कॉड लिवर आयल (Cod Liver Oil) इसका सबसे अच्छा स्रोत है।
- शाकाहारी लोगों के लिए: फ्लैक्स सीड (अलसी), चिया सीड्स, अखरोट और माइक्रोअल्गे (सूक्ष्म शैवाल) का तेल अच्छे विकल्प हैं।
- इसके अलावा आप अपने डॉक्टर की सलाह से आहार पूरक (supplements) भी ले सकते हैं।
- दुष्प्रभाव: अत्यधिक सप्लीमेंट्स (आहार पूरक) लेने से दस्त (Diarrhoea), मतली (Nausea), पेट फूलना और त्वचा पर खुजली हो सकती है।
अंततः अगर हम अपने जीवन में 20-20-20 नियम एवं संतुलित आहार का सेवन करते हैं तो हम ड्राई आई सिंड्रोम (आंखों में सूखापन) को काफी हद तक दूर रख सकते हैं। और जानकारी एवं आंखों को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से आंखों के डॉक्टर का परामर्श लेते रहें।


