बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को एक बार फिर निर्विरोध रूप से जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। नामांकन वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद उनके अलावा किसी अन्य नेता का नामांकन नहीं बचा, जिससे उनका निर्विरोध चुना जाना तय हो गया।
नामांकन वापसी के बाद बनी स्थिति
जदयू के राष्ट्रीय सचिव और मुख्यालय प्रभारी मोहम्मद निसार ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि मंगलवार 24 मार्च 2026 सुबह 11 बजे थी। समयसीमा समाप्त होने के बाद निर्वाचन अधिकारी के पास केवल नीतीश कुमार का ही नामांकन शेष रहा, जिसके चलते उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष घोषित कर दिया गया।
दोपहर में मिलेगा निर्वाचन प्रमाण पत्र
उन्होंने बताया कि निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे नीतीश कुमार को निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र सौंपेंगे। इस दौरान पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा में संसदीय दल के नेता संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।
दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे नीतीश
नीतीश कुमार के अध्यक्ष बनने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे राज्यसभा सदस्य के रूप में दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, जबकि पार्टी की कमान अपने पास ही रखेंगे। गौरतलब है कि राजीव रंजन सिंह के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद नीतीश ने यह जिम्मेदारी संभाली थी और अब वे चौथी बार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं।
निशांत कुमार की एंट्री से बढ़ी राजनीतिक हलचल
हाल ही में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने राजनीति में कदम रखा है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें नई सरकार में डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। वहीं, नीतीश के दिल्ली जाने की स्थिति में बिहार में नई सरकार के गठन की संभावनाएं भी तेज हो गई हैं। (इनपुट: आईएएनएस)


