2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर मध्य प्रदेश: राज्यपाल मंगुभाई पटेल

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत करते हुए कहा कि राज्य विकास और प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर है और वर्ष 2047 तक 2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है।

विकसित और आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश का विजन

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि 17 दिसंबर 2025 को आयोजित विशेष सत्र में मध्य प्रदेश को विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ था, जिसमें 12 घंटे तक कार्रवाई चली। उन्होंने कहा कि सदस्यों की जिम्मेदारी, आदर्श भूमिका और लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता प्रदेश के लोकतंत्र को निरंतर मजबूत और जीवंत बना रही है।

‘अमृत काल’ में दीर्घकालिक विकास की नींव

राज्यपाल पटेल ने कहा कि वर्तमान दौर अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसे नरेंद्र मोदी ने ‘अमृत काल’ की संज्ञा दी है। इसी अवधि में राज्य सरकार ने ‘समृद्ध मध्य प्रदेश 2047’ दृष्टि पत्र तैयार किया है, जो प्रदेशवासियों की सहभागिता और आकांक्षाओं से उपजा सामूहिक संकल्प है।

अर्थव्यवस्था सशक्त करने का लक्ष्य

उन्होंने कहा कि राज्य की जीएसडीपी को 250 लाख करोड़ रुपए से अधिक तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि प्रदेश राष्ट्रीय विकास का प्रमुख आधार बन सके। वर्ष 2025 को उद्योग रोजगार वर्ष के रूप में मनाते हुए औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।

निवेश प्रस्ताव और औद्योगिक विस्तार

मंगुभाई पटेल ने बताया कि वर्ष 2025 में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट, रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रोड शो के जरिए लगभग 11 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।

एमएसएमई और निवेश अनुकूल नीतियां

उन्होंने कहा कि 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र को मजबूत किया जा रहा है। निवेश अनुकूल नीतियों और सुदृढ़ औद्योगिक ढांचे के माध्यम से प्रदेश में एमएसएमई इकोसिस्टम का निरंतर विस्तार हो रहा है।

नक्सलवाद से मुक्ति और आंतरिक सुरक्षा

राज्यपाल ने कहा कि दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति, सशक्त रणनीति और पुलिस व केंद्रीय बलों के समन्वित प्रयास से दिसंबर 2025 तक मध्य प्रदेश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने में सफलता मिली है। आंतरिक सुरक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।

सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था

पटेल ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के अनियंत्रित उपयोग को नियंत्रित करने के लिए संवाद आधारित नीति अपनाई गई है। पुलिस की सतर्कता के कारण प्रदेश में सांप्रदायिक सदभाव बना हुआ है और कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।

कृषि और किसान कल्याण पर फोकस

राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को ‘समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश’ थीम के साथ किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के विकास तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए तीन वर्षीय कार्ययोजना लागू की जा रही है।

प्राकृतिक कृषि और पशुपालन को बढ़ावा

राज्यपाल ने बताया कि नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। उर्वरकों की पारदर्शी आपूर्ति के लिए ई-विकास प्रणाली लागू की गई है। साथ ही दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के उद्देश्य से पशुपालन क्षेत्र में नई योजनाएं शुरू की गई हैं।

जल संरक्षण और स्वच्छता में उपलब्धि

जल गंगा संवर्धन अभियान और अमृत सरोवर निर्माण के तहत 86 हजार से अधिक तालाब बनाए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 99% से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस बनाया जा चुका है। (इनपुट: आईएएनएस)