महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने शानदार जीत दर्ज करते हुए 17 में से 16 सीटें अपने नाम कर ली हैं। हालांकि, नासिक में सत्तारूढ़ गठबंधन की इस जीत में खलल पड़ा, जहां निर्दलीय प्रत्याशी ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट को हरा दिया। द्विवार्षिक चुनावों का सोमवार को मतगणना के साथ समापन हुआ, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने गठबंधन की शानदार जीत का नेतृत्व किया जबकि विपक्षी महाविकास अघाड़ी (एमवीए) को स्थानीय निर्वाचन क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा।
18 जून को 11 सीटों पर मतदान से पहले ही महायुति गठबंधन ने छह सीटें निर्विरोध जीत ली थीं। सोमवार को अंतिम घोषणा के साथ ही सत्ताधारी गठबंधन ने चुनावों में पूर्ण दबदबा कायम कर लिया, जिसमें भाजपा (11 सीटें), शिवसेना (शिंदे) (3 सीटें), एनसीपी (अजित पवार) (2 सीटें) और निर्दलीय (1 सीट) शामिल हैं। चुनाव 18 जून को 11 सीटों पर मतदान से पहले ही महायुति गठबंधन ने छह सीटें निर्विरोध जीत ली थीं। सोमवार को अंतिम घोषणा के साथ ही सत्ताधारी गठबंधन ने चुनावों में पूर्ण दबदबा कायम कर लिया, जिसमें भाजपा (11 सीटें), शिवसेना (शिंदे) (3 सीटें), एनसीपी (अजित पवार) (2 सीटें) और निर्दलीय (1 सीट) शामिल हैं।
भंडारा-गोंदिया में भाजपा के अविनाश ब्रम्हणकर ने कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार नरेश ईश्वरकर को 148 वोटों के अंतर से हरा दिया। ईश्वरकर के 152 के मुकाबले अविनाश ब्रम्हणकर को 304 वोट मिले। छत्रपति संभाजीनगर-जालना में भाजपा के सुहास शिरसाट ने शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार गणेश लोखंडे को हराया और लोखंडे के 134 वोटों के मुकाबले सुहास शिरसाट ने 454 वोट हासिल किए।
नांदेड़ में महायुति पार्टी के अमरनाथ राजुरकर ने 339 वोट हासिल करके शानदार जीत दर्ज की। एमवीए उम्मीदवार कृष्णा पाटिल अष्टिकर को केवल 84 वोट मिले जबकि वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के उम्मीदवार प्रशांत इंगोले मात्र 5 वोटों से पिछड़ गए। धराशिव-लातूर-बीड़ में भाजपा के बसवराज पाटिल ने 845 वोट से जीतकर विधानसभा में आसानी से प्रवेश कर लिया। सांगली-सतारा में भाजपा के धैर्यशील कदम ने जीत के लिए आवश्यक 443 वोटों का कोटा पार कर लिया। कदम को 591 प्रथम वरीयता वोट मिले और उन्होंने एनसीपी के अभय सिंह जगताप (295 वोट) को हरा दिया। जलगांव में भाजपा के नंदकिशोर महाजन ने 577 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की।
इस हार के बाद पिछड़ रहे एमवीए उम्मीदवार शरद तायडे (शिवसेना यूबीटी) ने सार्वजनिक रूप से चुनाव प्रक्रिया की आलोचना की। महायुति को मिली भारी जीत चुनाव चक्र की शुरुआत में ही संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित हो गई थी, जब एमवीए गठबंधन के कई उम्मीदवारों द्वारा नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन अपना नामांकन वापस लेने के बाद उनके छह उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए।(इनपुट-आईएएनएस)


