पीयूष गोयल ने कहा है कि आज के समय में उत्पादकता केवल कार्यकुशलता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लचीलापन, नवाचार और समावेशी विकास भी शामिल हैं।
उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित एशियन प्रोडक्टिविटी ऑर्गनाइजेशन की 68वीं गवर्निंग बॉडी बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में हुए सुधारों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि “मेक इन इंडिया”, “स्टार्टअप इंडिया”, “स्किल इंडिया”, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाएं, पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति, यूपीआई, आधार और ओएनडीसी जैसे कार्यक्रम उत्पादकता आधारित परिवर्तन के उदाहरण हैं।
पीयूष गोयल ने एशियन प्रोडक्टिविटी ऑर्गनाइजेशन (APO) के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग, सतत विकास और भविष्य के लिए तैयार विकास के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
इस कार्यक्रम में विभिन्न सदस्य देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, राष्ट्रीय उत्पादकता संगठनों के प्रमुख, नीति निर्माता, उत्पादकता विशेषज्ञ और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
नीरजा सेखर ने कहा कि एनपीसी इंडिया डिजिटल परिवर्तन, हरित उत्पादकता, क्षमता निर्माण और मापनीय परिणामों के जरिए एमएसएमई को मजबूत करने, प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
वी.के. सारस्वत ने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय उत्पादकता बढ़ाने में योगदान देने वाले विशेषज्ञों और संस्थानों को सम्मानित करने के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान APO राष्ट्रीय पुरस्कार प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।
बैठक में संगठन के नेतृत्व में बदलाव भी हुआ। इंडोनेशिया के APO निदेशक अनवर सनुसी ने 2026-27 के लिए APO अध्यक्ष का पद संभाला। उन्होंने भारत के APO निदेशक अमरदीप सिंह भाटिया का स्थान लिया।
वहीं, ईरान और जापान के कार्यवाहक APO निदेशकों ने क्रमशः प्रथम उपाध्यक्ष और द्वितीय उपाध्यक्ष का पद संभाला।
एशियन प्रोडक्टिविटी ऑर्गनाइजेशन की स्थापना 1961 में हुई थी और वर्तमान में इसके 21 सदस्य देश हैं। यह संगठन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सतत सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में कार्य करता है।
-(इनपुटःएजेंसी)


