राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार अब देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर होंगे आयोजित

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को अब पारंपरिक सम्मेलन कक्षों तक सीमित रखने के बजाय देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने राज्यों से आगामी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के आयोजन के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव भेजने का आह्वान किया है।

पर्यटन स्थलों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच

अश्विनी वैष्णव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों को देश के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों पर आयोजित करने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों को पारंपरिक स्थानों से आगे ले जाकर देश के अलग-अलग हिस्सों से जोड़ना है।

एकता नगर का उदाहरण दिया

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एकता नगर को विश्व स्तर पर पहचान मिली है। यह आकर्षक पर्यटन स्थल है, जहां सरदार वल्लभभाई पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्थापित है। उन्होंने कहा कि जब भारत की राष्ट्रपति और देशभर से भारतीय फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियां ऐसे पर्यटन स्थल पर पहुंचेंगी, तो इससे अधिक लोगों को उस स्थान के बारे में जानने और वहां आने का अवसर मिलेगा।

समारोह को आम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को केवल एक सम्मेलन कक्ष तक सीमित रखने के बजाय उसे आम लोगों के करीब ले जाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही पर्यटन के माध्यम से समारोह की पहुंच को देश के विभिन्न हिस्सों तक बढ़ाने की योजना है।

राज्यों से पर्यटन स्थलों के प्रस्ताव मांगे

केंद्रीय मंत्री ने सभी राज्यों से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करने के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों की पहचान कर प्रस्ताव भेजने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव में आयोजन के लिए बेहतर सुविधाओं के साथ-साथ संबंधित पर्यटन स्थल के चहुंमुखी विकास की योजना भी शामिल होनी चाहिए। जिस राज्य के प्रस्ताव का चयन होगा, वह अपने प्रस्तावित पर्यटन स्थल पर आगामी राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आयोजित करेगा।

जी-20 कार्यक्रमों का दिया उदाहरण

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जी-20 की मेजबानी की थी, तब इसके कार्यक्रम देश के अलग-अलग हिस्सों और विभिन्न राज्यों में आयोजित किए गए थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को भी गंभीर विचार-विमर्श के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाया जा रहा है, ताकि फिल्म और पर्यटन को साथ जोड़ने की संभावनाओं को आगे बढ़ाया जा सके।

फिल्म और पर्यटन को जोड़ने पर जोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फिल्म और पर्यटन को एक साथ लाने से पर्यटन स्थलों को लाभ होगा। साथ ही राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह भी एक सम्मेलन कक्ष तक सीमित रहने के बजाय देशभर में वास्तविक स्थानों और आम लोगों तक पहुंच सकेगा। (इनपुट: पीआईबी)

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