27/03/26 | 10:47 pm

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पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ की बैठक,कहा- ‘पश्चिम एशिया संकट का ‘टीम इंडिया’ बनकर करें मुकाबला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में उभरते संकट के मद्देनज़र शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अहम बैठक की। इस बैठक में मौजूदा हालात की समीक्षा करते हुए देश की तैयारियों, सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों के हितों की रक्षा को लेकर व्यापक चर्चा की गई।

प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों द्वारा दिए गए सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि इन इनपुट्स से बदलते हालात का प्रभावी ढंग से सामना करने में मदद मिलेगी। उन्होंने सतर्कता, तैयारी और केंद्र-राज्य के बीच बेहतर तालमेल को इस चुनौती से निपटने की सबसे बड़ी ताकत बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पहले भी वैश्विक संकटों का सामना कर चुका है। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय केंद्र और राज्यों ने “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर काम किया, जिससे सप्लाई चेन, व्यापार और आम जनजीवन पर प्रभाव को कम किया जा सका। उन्होंने कहा कि यही सहयोग की भावना आज भी सबसे बड़ी ताकत है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए निरंतर निगरानी और रणनीति में लचीलापन जरूरी है। उन्होंने कहा कि 3 मार्च से एक इंटर-मिनिस्ट्रीयल ग्रुप रोजाना स्थिति की समीक्षा कर रहा है और समय-समय पर फैसले ले रहा है। सरकार की प्राथमिकताओं में आर्थिक स्थिरता, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और उद्योगों की मजबूती शामिल हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन राज्यों के स्तर पर होता है, इसलिए केंद्र और राज्यों के बीच लगातार संवाद और समन्वय जरूरी है। उन्होंने राज्यों को निर्देश दिए कि सप्लाई चेन सुचारू बनाए रखें और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करने, प्रशासन को अलर्ट रखने और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में अग्रिम योजना बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि उर्वरकों के भंडारण और वितरण की निगरानी की जाए, ताकि आने वाले खरीफ सीजन में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि इस तरह के समय में अफवाहें और गलत जानकारी तेजी से फैलती हैं, जिससे घबराहट का माहौल बन सकता है। उन्होंने कहा कि सही और विश्वसनीय जानकारी समय पर जनता तक पहुंचाना बेहद जरूरी है। साथ ही ऑनलाइन ठगी और फर्जी एजेंटों से सतर्क रहने की भी सलाह दी।

प्रधानमंत्री ने सीमा और तटीय राज्यों को विशेष रूप से सतर्क रहने को कहा, ताकि शिपिंग, जरूरी सामानों की आपूर्ति और समुद्री गतिविधियों से जुड़े किसी भी संभावित खतरे से निपटा जा सके। उन्होंने राज्यों से कहा कि जिन राज्यों के नागरिक पश्चिम एशिया में हैं, वे हेल्पलाइन शुरू करें, नोडल अधिकारी नियुक्त करें और जिला स्तर पर सहायता प्रणाली विकसित करें, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर जानकारी और मदद मिल सके।

प्रधानमंत्री ने दीर्घकालिक तैयारी के तहत बायोफ्यूल, सौर ऊर्जा, गोबरधन योजना, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और पाइप्ड नेचुरल गैस के विस्तार पर जोर दिया। साथ ही तेल और प्राकृतिक गैस के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए राज्यों के सहयोग की आवश्यकता बताई। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस संकट से निपटने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने जैसे कदम उठाए गए हैं।

बैठक में शामिल मुख्यमंत्रियों ने भरोसा जताया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति तंत्र लगातार निगरानी में है। उन्होंने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में कमी के फैसले का स्वागत किया और कहा कि इससे आम लोगों को राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्रियों ने यह भी सराहा कि केंद्र सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर प्री-क्राइसिस स्तर के 70 प्रतिशत तक कर दिया है, जो पहले 50 प्रतिशत था। उन्होंने केंद्र के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि यह चुनौती साझा जिम्मेदारी है और “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर देश इस स्थिति से सफलतापूर्वक बाहर निकलेगा।

(IANS)

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