पीएम मोदी ने विदेश नीति में भारत के राष्ट्रीय हित को दी प्राथमिकता: स्कॉट मॉरिसन

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि वह भारत की विदेश नीति में मजबूत राष्ट्रीय हित और एक व्यावहारिक नजरिया लेकर आए हैं। उन्होंने पीएम मोदी के विजन को आगे बढ़ाने में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की अहम भूमिका की भी सराहना की।

इटालियन-भारतीय उद्यमी और विश्लेषक वास शेनॉय के साथ एक साक्षात्कार के दौरान मॉरिसन ने भारत की विदेश नीति के सफर पर विचार साझा किए। यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब नई दिल्ली शनिवार को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि अब भारत अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर संभावनाओं को साकार करने पर तेजी से ध्यान दे रहा है। मॉरिसन ने कहा, “भारत अपनी स्वतंत्रता और स्वतंत्र माहौल का सम्मान करता है। वह अपने हितों के कारण ही अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया और कई अन्य देशों के साथ करीबी जुड़ाव बना रहा है।

ऐसा दूसरे संबंधों को नजरअंदाज करके नहीं किया जाता। प्रधानमंत्री मोदी इसे लेकर स्पष्ट हैं कि वे जिसे चाहें फोन कर लेंगे। वे जिस भी देश जाना जरूरी समझेंगे, भारत के राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाने के लिए, जाएंगे। हर देश का हर नेता यही करता है, राष्ट्रीय हित को आगे बढ़ाना।”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की विदेश नीति में राष्ट्रीय हित और व्यावहारिकता पर बहुत मजबूत जोर दिया है। इस प्रक्रिया में डॉ. जयशंकर एक सक्षम सहयोगी रहे हैं और उन्होंने इस नेतृत्व को बेहद मेहनत से आगे बढ़ाया है। चाहे अर्थव्यवस्था हो, तकनीक हो या अंतरिक्ष, आगे बहुत बड़ी संभावनाएं हैं। मुझे लगता है कि अगले 20-30 सालों में जब भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था परिपक्व होगी, तो भारत एक अंतरिक्ष महाशक्ति बनकर उभरेगा।”

मॉरिसन ने जोर देकर कहा कि भारत की सक्रिय भागीदारी क्वाड के महत्व के लिए केंद्र बनी हुई है। उन्होंने इस समूह की सफलता के लिए नई दिल्ली की भागीदारी को जरूरी फैक्टर बताया। उन्होंने पूरे हिंद-प्रशांत में समुद्री सुरक्षा पर बढ़ते जोर का भी जिक्र किया और कहा कि क्वाड के एजेंडा में हिंद-प्रशांत में ‘हिंद’ को ज्यादा अहमियत देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि समूह के सुरक्षा पहलू पर अमेरिकी सरकार के तहत नए सिरे से ध्यान दिया गया और विदेश मंत्रियों ने लगातार बढ़ोतरी की है। ‘इंडो-मेडिटेरेनियन डायलॉग्स’ के दौरान मॉरिसन ने शेनॉय से कहा, “विदेश मंत्री रुबियो और उनके उपसचिव क्वाड की महत्वपूर्ण भूमिका को लेकर काफी सजग हैं। समुद्री सुरक्षा के मामले में उनका रुख बहुत मजबूत है और यह सिर्फ प्रशांत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए है। मैं क्वाड के एजेंडे में ‘हिंद’ को ज्यादा बढ़ाने का बड़ा समर्थक हूं।”

प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी मुलाकात को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान उन्होंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर चर्चा की थी। जब प्रधानमंत्री यहां आए थे, तो मुझे उनसे मिलने का मौका मिला था और हमने हिंद-प्रशांत की चीजों के बारे में काफी लंबी बातचीत की थी। वह उन मुद्दों को लेकर बहुत सजग रहते हैं। क्वाड में भारत का जुड़ाव ही इसे इतना खास बनाता है। (इनपुट-आईएएनएस)

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