पीएम मोदी बोले- अफ्रीका के लिए प्रेरणा है भारत का सौर कृषि मॉडल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को टिकाऊ कृषि और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि खेती में सौर ऊर्जा के उपयोग का भारतीय मॉडल अफ्रीका के लिए एक प्रभावी और व्यापक रूप से अपनाया जा सकने वाला समाधान है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह मॉडल साझा समृद्धि को बढ़ावा देने, समुदायों को सशक्त बनाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने इसे भारतीय किसानों और पूरे देश के लिए गर्व का विषय बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का एक लेख साझा करते हुए लिखा, “सौर ऊर्जा परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में उभर रही है। कृषि क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग का भारत का मॉडल अफ्रीका के लिए एक स्केलेबल समाधान प्रस्तुत करता है, जो साझा समृद्धि को मजबूत करने, समुदायों को सशक्त बनाने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का वादा करता है। यह हमारे किसानों और हम सभी के लिए गर्व की बात है।”

लेख में बताया गया है कि भारत की सौर क्रांति अब देश की सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर नए अवसर पैदा कर रही है। इसमें प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (आईएसए) जैसी पहलों को स्वच्छ ऊर्जा और सौर आधारित कृषि को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कार्यक्रमों के रूप में रेखांकित किया गया है।

लेख के अनुसार, भारत का अनुभव यह दर्शाता है कि नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग कृषि उत्पादकता बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

इसमें यह भी कहा गया है कि भारत में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई और कृषि प्रणालियों की सफलता उन देशों और क्षेत्रों के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकती है, जो ऊर्जा उपलब्धता, जलवायु परिवर्तन और खाद्य उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस लेख को साझा करते हुए कहा कि भारत की सौर क्रांति वैश्विक स्तर पर नए रास्ते खोल रही है। उन्होंने कहा कि पीएम-कुसुम और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसी पहलों के माध्यम से भारत का सौर कृषि मॉडल खाद्य सुरक्षा मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और विभिन्न देशों में स्वच्छ ऊर्जा की पहुंच का विस्तार करने में मदद कर रहा है।

जोशी ने कहा, “भारत की सौर क्रांति अब दुनिया के कई देशों के लिए प्रेरणा और अवसर का स्रोत बन रही है।”

-(इनपुटःएजेंसी)