आईएनएस सुमेधा से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू का निरीक्षण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 का अवलोकन किया। स्वदेश में निर्मित ऑफशोर पेट्रोल वेसल आईएनएस सुमेधा से किए गए इस निरीक्षण में 70 से अधिक देशों की नौसेनाओं की भागीदारी रही।

समुद्री एकता और सहयोग का संदेश

राष्ट्रपति ने कहा कि इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू समुद्री परंपराओं के प्रति राष्ट्रों की एकता, विश्वास और सम्मान को दर्शाती है। उन्होंने जोर दिया कि विभिन्न ध्वजों वाले जहाजों और नाविकों की उपस्थिति इस आयोजन की थीम ‘यूनाइटेड थ्रू ओशंस’ को साकार करती है और वैश्विक सहयोग का सकारात्मक संदेश देती है।

‘वसुधैव कुटुंबकम’ से प्रेरित दृष्टिकोण

द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि समुद्री क्षेत्र सहित अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रति भारत का दृष्टिकोण ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के आदर्शों से प्रेरित है। उन्होंने ‘महासागर’ विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास साझेदारी तथा सहयोगात्मक कार्रवाई से ही संभव है।

भारतीय नौसेना की भूमिका

उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना देश के समुद्री हितों की रक्षा करने और व्यापक समुद्री क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए तत्पर है। मानवीय संकटों और प्राकृतिक आपदाओं के समय नौसेना की त्वरित सहायता क्षमता वैश्विक स्तर पर सराहनीय रही है।

औपचारिक सम्मान और निरीक्षण

150 सैनिकों की टुकड़ी द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी के बाद राष्ट्रपति आईएनएस सुमेधा पर सवार हुईं और विशाखापत्तनम तट के पास लंगर डाले 52 जहाजों के बेड़े का निरीक्षण किया। इस अवसर पर पोत को अशोक चिह्न से सजाया गया और मस्तूल पर राष्ट्रपति का ध्वज फहराया गया।

85 जहाजों और विमानों की भागीदारी

फ्लीट रिव्यू में कुल 85 जहाज शामिल हुए, जिनमें 19 विदेशी युद्धपोत थे। भारतीय बेड़े में भारतीय नौसेना के 60 जहाज, भारतीय तटरक्षक बल के चार पोत और शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओशन टेक्नोलॉजी के एक-एक जहाज शामिल रहे। समीक्षा में भारतीय नौसेना की तीन पनडुब्बियां, एक फ्रांसीसी अटलांटिक समुद्री गश्ती विमान और 60 से अधिक विमानों की भागीदारी रही, जिससे बहु-क्षेत्रीय संचालन क्षमता प्रदर्शित हुई।

हवाई प्रदर्शन और समुद्री शक्ति का प्रदर्शन

राष्ट्रपति ने भारतीय नौसेना के एयर आर्म का निरीक्षण किया, जिसमें हेलीकॉप्टर और फिक्स्ड-विंग विमानों की फ्लाई-पास्ट शामिल थी। इसके बाद युद्धपोतों और पनडुब्बियों का मोबाइल कॉलम राष्ट्रपति यॉट के सामने से गुजरा।

वैश्विक समुद्री साझेदारी पर जोर

द्रौपदी मुर्मु ने मित्र देशों की नौसेनाओं के अधिकारियों और नाविकों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति समुद्र में शांति, स्थिरता और सहयोग के प्रति साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि सहभागी नौसेनाएं महासागरों को वैश्विक विकास और समृद्धि के द्वार के रूप में आगे बढ़ाने में योगदान देंगी। (इनपुट: आईएएनएस)

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