प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा को ऐतिहासिक गति से आगे बढ़ता हुआ बताते हुए एयरट्रंक की उस घोषणा का स्वागत किया है, जिसके तहत कंपनी भारत में लगभग 3 लाख करोड़ रुपए (30 अरब डॉलर) का निवेश कर 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने की योजना बना रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह देश के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में प्रस्तावित सबसे बड़े निवेशों में से एक है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा बल
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से डिजिटल अर्थव्यवस्था के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि एयरट्रंक का यह निवेश देश की डेटा सेंटर क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई हब बनने की दिशा में कदम
नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस तरह के निवेश से क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्षेत्र में बढ़ते निवेश देश की तकनीकी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेंगे।
रोजगार और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री के अनुसार, इस निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन मिलेगा और नवाचार आधारित विकास को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे देश के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत में आकार ले रहा है डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि भारत की डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर यात्रा ऐतिहासिक गति पकड़ रही है और दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था का भविष्य तेजी से भारत में आकार ले रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह के निवेश देश को डिजिटल नवाचार और तकनीकी विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे। (इनपुट: पीआईबी)


